भ्रामक खबर का खंडन - किसानों के हित में हो रहा तालाब गहरीकरण
दैनिक भास्कर में 27 अप्रैल2026 को "बिना रायल्टी लाखों का खेल- जेसीबी से रोज निकाल रहे है 70 ट्रॉली से ज्यादा मिट्टी" शीर्षक से प्रकाशित समाचार के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट की गई है। जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव ने बताया, कि जिला प्रशासन द्वारा करवाई गई जांच में प्रकाश में आया है, कि मिट्टी निकालने के लिए पंचायत द्वारा किसानों से कोई राशि नहीं ली जा रही है । *जांच के तथ्य:* मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मनासा द्वारा *ग्राम पंचायत भगोरी* में स्वयं मौका स्थल पर जाकर जांच की गई। पत्र क्रमांक 2083/जनपद/2026 मनासा दिनांक 27. अप्रैल.2026 से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार: *किसानों का बयान:* मौके पर मौजूद किसानों, ग्रामीणजनों, जेसीबी संचालक एवं ट्रैक्टर संचालक ने बताया कि किसान *स्वयं* जेसीबी से मिट्टी की भराई एवं ट्रैक्टर के माध्यम से तालाब से अपने खेत तक मिट्टी का परिवहन करवा रहे हैं। *भुगतान व्यवस्था:* मिट्टी भराई का भुगतान जेसीबी चालक को एवं परिवहन का भुगतान ट्रैक्टर चालक को *किसानों द्वारा स्वयं* किया जा रहा है। *पंचायत की भूमिका:* ग्राम पंचायत द्वारा तालाब से गाद/मिट्टी निकालने हेतु *किसी भी प्रकार की राशि नहीं ली जा रही है। *प्रशासन का पक्ष:* अपर कलेक्टर (विकास) एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत नीमच श्री अमन वैष्णव ने स्पष्ट किया है कि जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जल संरचनाओं से गाद निकालकर जलग्रहण क्षमता बढ़ाना एवं किसानों को उपजाऊ मिट्टी उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। ग्राम भगोरी में किया जा रहा कार्य पूर्णतः नियमानुसार एवं जनहित में है। इसमें रायल्टी चोरी या वित्तीय अनियमितता का कोई प्रश्न ही नहीं उठता, क्योंकि मिट्टी का विक्रय नहीं किया जा रहा, बल्कि किसान स्वयं के संसाधनों से अपने खेतों में उपयोग कर रहे हैं।