नाबालिग बालिका के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे आरोपी को रामपुरा पुलिस ने साइबर सेल की मदद से गिरफ्तार कर मिली बड़ी सफलता
रामपुरा/नीमच।
नाबालिग बालिका के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे आरोपी को रामपुरा पुलिस ने साइबर सेल की मदद से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश शासन द्वारा नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी के लिए चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी विशेष अभियान के तहत की गई।
पुलिस अधीक्षक नीमच श्री राजेश व्यास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता अग्रवाल एवं प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मनासा श्रीमती निकिता सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रामपुरा उप निरीक्षक विपिन मसीह के नेतृत्व में गठित टीम ने यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की।
पुलिस के अनुसार, 14 जून 2025 को एक फरियादी ने थाना रामपुरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्ष 6 माह की नाबालिग पुत्री 13 जून की सुबह करीब 5 बजे शौच के लिए घर से निकली थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा आसपास और रिश्तेदारी में तलाश करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। इस पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका के आधार पर थाना रामपुरा में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया था। वहीं, मामले में नामजद आरोपी शंकर पिता रोडीलाल बंजारा, निवासी दरगपुरा थाना मनासा, घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने साइबर सेल की तकनीकी सहायता से आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
सराहनीय योगदान :
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक विपिन मसीह, सहायक उप निरीक्षक हरिसिंह सिसोदिया, प्रधान आरक्षक नरेंद्र नागदा, प्रदीप तिवारी, आरक्षक रघुवीर सिंह, विजय बारीवाल, जितेंद्र प्रजापत, आरक्षक 434 मुकेश मछार, महिला आरक्षक पूर्णिमा तिवारी, साइबर सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक प्रदीप शिंदे, साइबर सेल टीम तथा थाना मनासा के आरक्षक कमल गुर्जर का विशेष योगदान रहा।
नोट: मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक कानून की दृष्टि में आरोपी को अपराधी नहीं माना जाता।