आपदा प्रबंधन में जन-सहयोग और पब्लिक मैनेजमेंट प्रशासन की प्राथमिकताहै: श्री कलेश
मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन नीमच द्वारा बुधवार से आयुष भवन में तीन दिवसीय भूकंप रोधी एवं आपदा प्रबंधन विषय पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई है। अपर कलेक्टर श्री बी.एस.कलेश ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस मौके पर अपर कलेक्टर श्री बी.एस.कलेश ने कहा , कि प्राकृतिक अथवा मानव निर्मित आपदाएं कभी भी बताकर नहीं आती हैं। शासन के निर्देशानुसार जिले में भूकंप और अन्य आपदाओं से निपटने के लिए पूर्व तैयारियां पुख्ता की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा के समय जनता का विश्वास जीतना, घायलों को त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराना, घटनास्थल पर एंबुलेंस की व्यवस्था करना और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों (जैसे जेसीबी, ट्रैक्टर आदि) का डेटाबेस तैयार रखना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रथम दिवस के सत्र में आपदा प्रबंधन संस्थान के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री युवराज सिंह पवार ने बाढ़, भूकंप, चक्रवात, आंधी-तूफान, रासायनिक दुर्घटनाओं तथा भोपाल गैस त्रासदी जैसी आपदाओं के केस स्टडीज पर विस्तार से प्रकाश डाला। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट एवं उनकी टीम ने कार्यशाला में आपदा के समय जीवन रक्षा के लिए उपयोग में आने वाले आधुनिक बचाव व सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन (डेमो) भी किया। तीन दिवसीय कार्यशाला के आगामी सत्रों में भूकंप के इतिहास, भूकंप प्रतिरोधी ढांचा निर्माण,आपदा के दौरान प्राथमिक चिकित्सा, यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाएं तथा पटाखा फैक्ट्रियों में अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव व सुरक्षा के संबंध में विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवल सिंह सिसोदिया आपदा प्रबंधन नोडलएवं डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे,डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री युवराज सिंह पवारएवं कम्पनी कमान्डेन्ट श्रीमती पुष्पा सिह पंवार सहित पुलिस, राजस्व, एनसीसी (NCC), नगर सेना, पंचायत, लोक निर्माण विभाग जल संसाधन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी एवं पत्रकारगण उपस्थित थे।