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देश एवं प्रदेश की अनोखी औषधीय मण्‍डी के रूप में सुप्रसिद्ध है नीमच मण्‍डी

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Admin Malwa First 14 मई 2026, 02:46 pm
देश एवं प्रदेश की अनोखी औषधीय मण्‍डी के रूप में सुप्रसिद्ध है नीमच मण्‍डी
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा जिला नीमच के निर्देशन में कृषि उपज मंडी समिति, नीमच द्वारा कृषकों की उपज की नियत समय पर नीलामी, शीघ्र तौल एवं भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2025-26 में बहुआयामी एवं उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। प्रमुख उपलब्धियां: राजस्व एवं आवक में अभूतपूर्व वृद्धि:वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में आवक 64,16,201 क्विंटल से बढ़कर 72,40,492 क्विंटल हुई, जो 13 प्रतिशत की वृद्धि है। मंडी शुल्क ₹33.02 करोड़ से बढ़कर ₹34.58 करोड़ हुआ, जिसमें ₹1.56 करोड़ (+5 प्रतिशत) की वृद्धि दर्ज की गई। ई-अनुज्ञा पोर्टल पर विलंब शुल्क एवं ब्याज के रूप में ₹1.73 लाख की अतिरिक्त वसूली की गई है। पारदर्शी नीलामी से रिकॉर्ड राजस्व: नवीन मंडी प्रांगण डुंगलावदा में 248 भू-खण्डों की पारदर्शी नीलामी से अपसेट वैल्यू ₹5.02 करोड़ के विरुद्ध ₹55.81 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। उड़नदस्ता कार्रवाई से 36 प्रकरणों में ₹3.68 लाख वसूले गए है। अधोसंरचना एवं तकनीकी उन्नयन:- नवीन मंडी प्रांगण को हाई टेक मंडी के रूप में विकसित किया जा रहा है। किसानों हेतु आर.ओ. संयंत्र स्थापित किए गए हैं। मुख्य मंडी, नवीन मंडी एवं उप मंडी जीरन को सी.सी.टी.वी. सर्विलांस युक्त किया गया तथा फायर फाइटर लगाए गए। दो बड़े इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों से सीधे गोदाम डिलीवरी की व्यवस्था प्रारंभ की गई। बिजनेस एग्रो मॉल का प्रस्ताव स्वीकृति हेतु वरिष्ठालय प्रेषित किया गया। नवीन मंडी डुंगलावदा-चंगेरा एवं उपमंडी जीरन हेतु शासकीय भूमि आवंटन की कार्यवाही प्रचलित है। ई-मंडी एवं औषधि उपजों का सशक्तिकरण: गेहूं, जौ, मक्का, सोयाबीन, लहसुन, धनिया, रायड़ा सहित प्रमुख उपजों का ई-मंडी से घोष विक्रय प्रारंभ किया गया। अन्य उपजों को भी शीघ्र जोड़ना प्रस्तावित है। नीमच मंडी औषधि एवं मसाला फसलों का प्रमुख केंद्र है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के प्रयासों से चिया सीड, किनोवा सहित कुल 26 औषधि/वन उपजों को ई-अनुज्ञा पोर्टल पर अधिसूचित करवाया, जिससे किसानों-व्यापारियों को विक्रय में सुविधा हुई। औषधि मंडी हेतु केंद्रीय अनुदान: मुख्य मंडी प्रांगण के औषधि मंडी के उन्नयन हेतु केंद्र सरकार राष्ट्रीय पादप बोर्ड द्वारा ₹5.50 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया गया है। मंडी समिति द्वारा किए गए उक्त कार्यों से पारदर्शिता, राजस्व वृद्धि, कृषक सुविधाओं का विस्तार एवं औषधि-मसाला उपजों के व्यापार को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन मिला है। यह प्रदेश में मंडी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। नीमच कृषि उपज मंडी- देश की एकमात्र ऐसी मंडी जहां औषधीय फसलों की बोली लगाकर सार्वजनिक नीलामी होती है। इस मण्‍डी में65+ प्रकार की औषधीय फसलें – अश्वगंधा, सफेद मूसली, गिलोय, चिया सीड, किनोवा, नागरमोथा, अकरकरा, बेल फल, गुलाब की सूखी पत्ती, भटकटैया कांटे, नीम की पत्ती, संतरे के छिलके तक नीलामी के लिए आते है।गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत कई राज्यों के किसान यहां आते हैं। इसे "भारत की अनोखी औषधी मंडी" कहा जाता है। नीमच मंडी को खास क्या बनाता है?- नीमच देश की पहली मंडी है जहां "कांटे, पत्ती, छिलके सब बिकते हैं"। यहां उपज के आधार पर 500 रुपये से 2 लाख रुपये तक के भाव मिलते हैं। अप्रैल के बाद यहां आवक दोगुनी हो जाती है। अगर आप किसान हैं और औषधीय फसल उगाते हैं, तो म.प्र. सरकार के नए आदेश के बाद अब 15 औषधीय फसलें प्रदेश की सभी मंडियों में बिक सकेंगी। फिर भी सबसे बड़े भाव और देशभर के खरीदार नीमच मंडी में ही उपलब्‍ध होते है। उक्‍त जानकारी मण्‍डी सचिव नीमच श्री उमेश बसेडिया शर्मा ने दी है।
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