खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: रामपुरा के दूधलाई बिना लाइसेंस संचालित मिल्क प्लांट पर एडीएम कोर्ट में केस, घी के नमूने भी जांच के लिए भेजे
नीमच, 30 जुलाई 2026। जिले में मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन का विशेष अभियान लगातार जारी है। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश, भोपाल तथा कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जिलेभर में खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है।
इसी क्रम में 22 जुलाई 2026 को ग्राम दुधलाई, तहसील रामपुरा स्थित एम/एस श्री सावरिया मिल्क प्लांट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्लांट में 5000 लीटर क्षमता की बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) संचालित मिली, जिसमें लगभग 4000 लीटर मिश्रित दूध का संग्रहण एवं विक्रय किया जा रहा था।
जांच के दौरान प्लांट संचालक आवश्यक खाद्य अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) प्रस्तुत नहीं कर सके। केवल परिवहन संबंधी खाद्य पंजीयन उपलब्ध कराया गया, जबकि दूध संग्रहण एवं विक्रय के लिए वैध खाद्य लाइसेंस अनिवार्य है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन पाए जाने पर प्लांट प्रभारी कमलेश कुमार जाट एवं संचालक दिनेश कुमार जाट के विरुद्ध 28 जुलाई 2026 को अपर कलेक्टर न्यायालय, जिला नीमच में प्रकरण दर्ज किया गया। अधिनियम के अनुसार बिना खाद्य लाइसेंस कारोबार संचालित करने पर 10 लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान है।
वहीं, 29 जुलाई 2026 को रावण रूंडी, नीमच स्थित श्री जोगमाया सेल्स का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यहां से मानव उपभोग के लिए विक्रय किए जा रहे प्रभु श्री घी एवं डीएफ गोल्ड घी के नमूने गुणवत्ता परीक्षण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।