विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य सुधार की पहल
स्कूलों, कॉलेजों में योग-खेलकूद, का आयोजन एवं हेल्पलाइन प्रचार के निर्देश विद्यार्थियों में आत्महत्या एवं निराशा की प्रवृत्ति की रोकथाम तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के निराकरण हेतु मंगलवार 28 अप्रैल 2026 को कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में जिला मानसिक स्वास्थ्य निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव, जिला महिला बाल विकास अधिकारी सुश्री अंकिता पंड्या, जिला शिक्षा अधिकारीश्री एस.एम.मांगरिया, सीएमओ श्रीमती दुर्गा बामनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.दिनेश प्रसाद, लीड कॉलेज प्राचार्य श्री प्रशांत मिश्रा, मानसिक रोग परामर्शदाता श्री गिरिराज सिंह चौहान, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाति वधवा एवं प्राध्यापक, मानसिक रोग विभाग मेडिकल कॉलेज नीमच उपस्थित थे। लीड कालेज के प्राचार्य श्री प्रशांत मिश्रा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया, कि इस बैठक में उपस्थितजनों द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए है। नियमित परामर्श: विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य पर निरंतर परामर्श देने हेतु नियमित कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए। शारीरिक गतिविधियां: विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित योग, व्यायाम, खेलकूद व गतिविधियों का आयोजन किया जाए। शिक्षक पालक योजना: सभी संस्थाओं में शिक्षक पालक योजना लागू की जाए। हेल्पलाइन का प्रचार: Govt. Mental Hospital हेल्पलाइन 18005990019, Tele MANAS 18008914416/14416, UMANG 1800115246 को सभी संस्थाओं में प्रदर्शित किया जाए। अन्य सुझाव: परिसरों के आसपास नशे की रोकथाम, अकादमिक सुधारों के द्वारा परीक्षा का तनाव कम करना, कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के द्वारा रोजगार संबंधी परामर्श, विद्यार्थी एवं पालकों के बीच संवादहीनता को कम करना, विद्यार्थियों में मोबाइल का अनावश्यक उपयोग कम करना एवं मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग एप का प्रचार-प्रसार कर आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों को स्क्रीनिंग हेतु प्रेरित करने के सुझाव भी प्राप्त हुए है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने विद्यार्थियों को योग, प्राणायाम, खेलकूद की गतिविधियों में भाग लेने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव ने विद्यार्थियों को भारतीय परंपरा एवं संस्कृति से जोड़ने का सुझाव दिया। जिला प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थाओं से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने तथा विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित करने की अपील की है।