ग्राम जयसिंहपुरा में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया
एसडीएम नीमच श्री संजीव साहू ने सोशल मीडिया में प्रसारित ग्राम जयसिंहपुरा, तहसील नीमच नगर में अतिक्रमण हटाने के दौरान आगजनी की घटना के संबंध में वस्तुस्थिति स्पष्ट की है।एसडीएम नीमच श्री संजीव साहू ने बताया कि न्यायालय नायब तहसीलदार तहसील नीमच नगर के प्रकरण क्रमांक 0002/अ-68/2024-25, आदेश दिनांक 22.11.2024 द्वारा ग्राम जयसिंहपुरा के सर्वे नंबर 384/1/1 रकबा 1.997 हे. मद बर्डी शासकीय भूमि में अतिक्रमित रकबा 0.061 हे. पर अतिक्रमणकर्ता गोपाल जाटव पिता प्रमुलाल जाटव के विरुद्ध बे-दखली आदेश पारित किया गया था। तद्समय स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासनिक टीम द्वारा उक्त आदेश के पालन में अतिक्रमण हटाया गया था। उक्त आदेश के विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उपखण्ड नीमच के न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई, जिसके अपीलीय प्रकरण क्रमांक 0164/अपील/2024-25 पर पंजीबद्ध होकर नायब तहसीलदार नीमच नगर के आदेश को स्थिर रखा गया। न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के अपीलीय प्रकरण के विरुद्ध न्यायालय अपर कलेक्टर जिला नीमच के न्यायालय में निगरानी प्रस्तुत की गई, जो प्रकरण क्रमांक 003/निगरानी/2025-26 पर पंजीबद्ध होकर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी नीमच व नायब तहसीलदार नीमच नगर के आदेश को यथावत रखा गया। अतिक्रमणकर्ता द्वारा एक बार अतिक्रमण हटाए जाने के उपरांत पुनः अतिक्रमण करने से सिविल जेल की कार्यवाही की गई, किंतु अतिक्रमण नहीं हटाया गया। चूंकि अतिक्रमित स्थल पर पंचायत के सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है तथा विगत एक वर्ष से अधिक समय से अतिक्रमणकर्ता गोपाल जाटव एवं उनके परिवार द्वारा बार-बार अतिक्रमण किए जाने से निर्माण में विलंब हो रहा था। अतः 22. अप्रैल2026 को तहसीलदार नीमच नगर, नायब तहसीलदार नीमच नगर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नीमच, थाना प्रभारी बघाना, पंचायत एवं राजस्वकर्मी की टीम को अतिक्रमण हटाने हेतु भेजा गया। टीम की उपस्थिति में मौके से शांतिपूर्ण तरीके से अतिक्रमणकर्ता का सामान हटाकर भूमि अतिक्रमण मुक्त करवाई गई। यह भी पाया गया कि अतिक्रमण की गई भूमि से लगकर गोपाल जाटव का पी.एम. आवास निर्मित है तथा परिवार निवासरत है, जिसे नहीं हटाया गया है। मौके पर प्रशासनिक टीम द्वारा अतिक्रमण स्थल पर निर्मित झोपड़ी के सभी सामान को बाहर निकालकर सुरक्षित रखा गया तथा झोपड़ी खाली करवाई गई। झोपड़ी खाली करवाने के पश्चात अचानक गोपाल जाटव की बेटी ममता द्वारा पीछे से खाली झोपड़ी में आग लगा दी गई। चूंकि झोपड़ी पॉलीथिन से निर्मित थी, जिसके कारण पूरी झोपड़ी ने तत्काल आग पकड़ ली, किंतु प्रशासकीय अमले द्वारा तत्परतापूर्वक आग बुझा दी गई। मौके पर किसी प्रकार के सामान नुकसानी अथवा अन्य कोई नुकसानी की घटना कारित नहीं हुई व उक्त भूमि को सामुदायिक भवन निर्माण हेतु ग्राम पंचायत को सुपुर्दगी में दे दी गई हैं। एसडीएम नीमच श्री संजीव साहू ने बताया कि मीडिया के माध्यम से यह तथ्य संज्ञान में आया है कि श्री नानुराम जाटव की मृत्यु को अतिक्रमण हटाने की घटना से जोड़ा जा रहा है। किंतु मौके पर अतिक्रमण हटाने के दौरान श्री नानुराम जाटव उपस्थित नहीं थे, प्राप्त जानकारी अनुसार उनकी मृत्यु ग्राम झांझरवाड़ा में स्वास्थ्य खराब होने से हुई, जिसका अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही से कोई संबंध नहीं है।