West Bengal Election 2026: बंगाल के हुमायूं कबीर दो सीटों से लड़े चुनाव, दोनों में ऐसा है उनका हाल
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल के हाई वोल्टेज चुनावों में भाजपा एक लैंडस्लाइड जीत की ओर बढ़ रही है. चुनाव और उससे पहले केवल ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी ही चर्चा में नहीं रहे. इनके अलावा भी कुछ नेता अपने बयान और कृत्यों से छाए रहे. इसी में एक हुंमायुं कबीर भी शामिल रहे.
बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर कबीर ने देश भर में सुर्खियां बटोरी थी. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतगणना में उनका क्या हाल है? पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी रहने के बीच हाई-प्रोफाइल मुकाबलों में दिलचस्प तस्वीर सामने आ रही है. आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं, दोनों जगह उन्हें भारी मत मिलने के रुझान मिल रहे हैं.
हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनवाने की शुरुआत की थी. 6 दिसंबर 2025 को अयोध्या की ध्वस्त हो चुकी बाबरी मस्जिद की तर्ज पर पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास किया था. 11 फरवरी 2026 से निर्माण कार्य शुरू हुआ. कबीर ने इसे 2 साल में पूरा करने का दावा किया है.
इसकी वजह से चुनाव से पहले सांप्रदायिक राजनीति की एक और लहर चली थी, जिस पर काफी बवाल मचा था. हालांकि, इसका फायदा कबीर को मिलता दिख रहा है. दोनों सीटों से आगे हुमायूं कबीर कबीर नौडा सीट पर वह बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि रेजिनगर में पीछे चल रहे हैं. भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, नौडा में सात राउंड की गिनती के बाद कबीर (32793) अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी साहिना मोमताज खान (तृणमूल कांग्रेस) से 9349 वोटों से आगे हैं.
इसके विपरीत, रेजिनगर सीट पर तीसरे राउंड के बाद वे 22187 वोट लेकर 6325 से आगे हैं. यहां भारतीय जनता पार्टी के बापन घोष 15862 वोट लेकर दूसरे नंबर पर हैं. ये आंकड़े दोपहर के बाद 12.45 बजे तक के रुझानों को दर्शा रहे हैं. ये भी पढ़ें:- क्या खत्म हो जायेगा अभिषेक बनर्जी का राजनीतिक करियर? पढ़ें पूरा विश्लेषण ये भी पढ़ें:- आधा भारत नहीं जानता ! थलापति विजय का असली नाम, जानें क्यों कहा जाता है ‘थलापति’ तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बनाई अपनी पार्टी चौथे राउंड की मतगणना के बाद मीडिया से बातचीत में हुमायूं कबीर ने अपने समग्र प्रदर्शन को लेकर भरोसा जताया.
उन्होंने कहा कि राज्यभर में AJUP उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने के बावजूद उन्हें अपने क्षेत्र में मतदाताओं का मजबूत समर्थन मिलने का भरोसा था. पूर्व मंत्री रहे कबीर, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद उन्होंने AJUP का गठन किया था, मुर्शिदाबाद क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते नजर आ रहे हैं.
वहीं राज्य स्तर पर चुनाव मतगणना के शुरुआती रुझान भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जाते दिख रहे हैं, जो 181 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है. दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस 92 सीटों का आंकड़ा पार कर चुकी है, लेकिन मतगणना जैसे-जैसे बढ़ रही है टीएमसी और पीछे होती जा रही है..