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बंगाल चुनाव 2026: नंदीग्राम से भवानीपुर तक… इन ‘हॉट’ सीट्स पर हार-जीत तय करेगी कौन बनेगा मुख्यमंत्री

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Prabhat Khabar 13 अप्रैल 2026, 07:05 am
बंगाल चुनाव 2026: नंदीग्राम से भवानीपुर तक… इन ‘हॉट’ सीट्स पर हार-जीत तय करेगी कौन बनेगा मुख्यमंत्री

West Bengal Election 2026 Key Seats: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का प्रचार पूरे शबाब पर है. राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों का सियासी पारा सातवें आसमान पर है. हालांकि, पूरे बंगाल की नजरें उन प्रमुख सीटों (Key Seats) पर टिकी हैं, जो इस बार सत्ता का फैसला करेंगी.

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें, तो इन सीटों पर किसी तरह का उलटफेर न केवल ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भाग्य का फैसला करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि 4 मई को ‘नबान्न’ (Nabanna) में किसकी ताजपोशी होगी. भवानीपुर : दीदी का अभेद्य किला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपनी सीट भवानीपुर हमेशा की तरह सबसे हाई-प्रोफाइल है.

यहां की सुरक्षा चूक और हालिया पुलिस निलंबन ने इसे और भी चर्चा में ला दिया है. भाजपा ने यहां अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, ताकि मुख्यमंत्री को उनके ही गढ़ में घेरा जा सके. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर चुनाव 2026: ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी, क्या बचेगा दीदी का सबसे मजबूत किला? इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी 40 लाख रुपए लेकर उतरीं थीं नंदीग्राम में, सबसे हाई-प्रोफाईल चुनाव में खर्च किये 21.88 लाख इसे भी पढ़ें : नंदीग्राम का संग्राम : 21 लाख लेकर मैदान में उतरे शुभेंदु अधिकारी ने खर्च किये 23.62 लाख रुपए, ममता बनर्जी को हराया इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी, जानें BJP का ’बूथ-दर-बूथ’ सोशल इंजीनियरिंग प्लान 2.

नंदीग्राम : ‘दादा’ बनाम ‘दीदी’ की विरासत वर्ष 2021 के बंगाल चुनाव में नंदीग्राम ने पूरे देश का ध्यान खींचा था. शुभेंदु अधिकारी के लिए यह सीट उनकी राजनीतिक साख का सवाल है. टीएमसी यहां 2021 का बदला लेगी या शुभेंदु अपना दबदबा कायम रखेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा.

इसे भी पढ़ें : बंगाल की सबसे लोकप्रिय नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में कैसे दी पटखनी, पढ़ें पूरा विश्लेषण इसे भी पढ़ें : नंदीग्राम का संग्राम : 21 लाख लेकर मैदान में उतरे शुभेंदु अधिकारी ने खर्च किये 23.62 लाख रुपए, ममता बनर्जी को हराया 3.

पानीहाटी : न्याय की पुकार और आरजी कर का साया आरजी कर कांड की पीड़िता की मां के चुनाव मैदान में उतरने से पानीहाटी इस बार चुनाव का सबसे भावनात्मक केंद्र बन गया है. इस सीट का चुनाव परिणाम बतायेगा कि ‘जनाक्रोश’ वोट में तब्दील होता है या नहीं. अगर तब्दील होता है, तो कितना.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 4-5. सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग : उत्तर बंगाल का द्वार उत्तर बंगाल की ये सीटें भाजपा का मजबूत आधार रही हैं. टीएमसी यहां अपनी खोयी जमीन पाने की कोशिश में है. दूसरी तरफ, भाजपा अपनी बढ़त बनाये रखने का हरसंभव प्रयास कर रही है.

इसे भी पढ़ें : Mamata Banerjee Net Worth: कितनी संपत्ति की मालकिन हैं बंगाल की ‘दीदी’ ममता बनर्जी? इसे भी पढ़ें : नंदीग्राम से नयी दिल्ली तक 15 बैंक अकाउंट, जानें कितनी संपत्ति है शुभेंदु अधिकारी की? 6-7. मालदा और मुर्शिदाबाद : कांग्रेस बिगाड़ेगी खेल सूजापुर और मोथाबाड़ी वो सीटें हैं, जहां हैदराबाद वाले असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और टीएमसी से निकाले गये नेता और अब आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ हुमायूं कबीर का गठबंधन ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा था, लेकिन हुमायूं कबीर के एक वायरल वीडियो ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा.

ओवैसी ने उनसे अपना गठबंधन तोड़ लिया. आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस्तीफा दे दिया. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव से पहले फुरफुरा शरीफ पहुंचे हुमायूं कबीर, ममता बनर्जी पर लगाये गंभीर आरोप, वसूली करती है I-PAC इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: 63 लाख वोटर गायब और ‘अस्मिता’ की जंग, ममता बनर्जी बचा पायेंगी अपना किला? कांग्रेस और मौसम नूर बढ़ायेंगी दीदी की मुश्किलें! हालांकि, मालदा और मुर्शिदाबाद में कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से चुनाव लड़ रही है.

मौसम नूर और एबीए गनी खान चौधरी का पूरा परिवार कांग्रेस के साथ है, जो दीदी की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं. यहां का ध्रुवीकरण और ‘वोट कटवा’ फैक्टर टीएमसी के लिए बड़ी चुनौती है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की बढ़ेंगी मुश्किलें, हुमायूं कबीर ने भवानीपुर में उतारा मुस्लिम उम्मीदवार इसे भी पढ़ें : 85.87 लाख के मालिक शुभेंदु अधिकारी के पास नहीं है कार, जानें नंदीग्राम के योद्धा की प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस 8.

सिंगूर : भूमि आंदोलन की जन्मभूमि कभी ममता बनर्जी के उत्थान का केंद्र रहा सिंगूर अब भाजपा और टीएमसी के बीच कड़े मुकाबले का गवाह बनता दिख रहा है. यहां के किसान और औद्योगिक मुद्दे इस बार भी निर्णायक होंगे. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: कल्याणकारी योजनाएं बनाम सत्ता-विरोधी लहर, ममता बनर्जी के 15 साल के शासन की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा इसे भी पढ़ें : बंगाल की सियासत में ‘आया राम, गया राम’, 2021 की जीत के बाद 10 विधायकों ने बदला पाला, BJP को सबसे बड़ा झटका 9-10.

डायमंड हार्बर और टॉलीगंज : भाजपा कर रही आक्रामक घेराबंदी अभिषेक बनर्जी के प्रभाव वाले इन इलाकों में भाजपा ने आक्रामक घेराबंदी की है. शहरी मतदाताओं का मिजाज इन सीटों पर हार-जीत तय करेगा. इसे भी पढ़ें : ‘खेला होबे’ के बाद ‘आबार जीतबे बांग्ला’, ममता का ‘बोर्गी’ दांव बनाम भाजपा का ‘जय मां काली’, नारों के युद्ध में कौन भारी? इसे भी पढ़ें : बंगाल में 91 लाख वोटर ‘गायब’, 120 सीटों का बिगड़ा गणित! SIR ने उड़ायी टीएमसी और भाजपा की नींद West Bengal Election 2026 Key Seats: क्यों अहम हैं ये सीटें? सांकेतिक जीत : इन सीटों पर जीत का मतलब है पूरे क्षेत्र में मनोवैज्ञानिक बढ़त.

दिग्गजों की प्रतिष्ठा : इन क्षेत्रों से दोनों पार्टियों के सबसे बड़े चेहरे चुनाव लड़ रहे हैं. ध्रुवीकरण का केंद्र : ये सीटें बंगाल के मुख्य मुद्दों (भ्रष्टाचार, घुसपैठ और सुरक्षा) का लिटमस टेस्ट हैं. इसे भी पढ़ें कोयलांचल का सियासी मिजाज : आसनसोल दक्षिण में फिर खिलेगा कमल या होगी तृणमूल की वापसी? एक दशक में 16 राज्यों में हुए चुनाव, चुनावी हिंसा में पश्चिम बंगाल नंबर-1 Exit Poll पर 9 से 29 अप्रैल तक बैन, दिखाने वाले 2 साल के लिए जायेंगे जेल बंगाल में इस बार 2 चरण में चुनाव, 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग, काउंटिंग 4 मई को पश्चिम बंगाल 2021 चुनाव परिणाम : टीएमसी 213, बीजेपी 77, पढ़ें पूरा विश्लेषण.

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