नंदीग्राम का संग्राम : 21 लाख लेकर मैदान में उतरे शुभेंदु अधिकारी ने खर्च किये 23.62 लाख रुपए, ममता बनर्जी को हराया
खास बातें भाजपा ने शुभेंदु को दिये थे 15 लाख रुपए शुभेंदु को 3 स्रोतों से मिले थे 21.02 लाख रुपए अपनी जेब से 42 हजार रुपए लगाये थे ‘नंदीग्राम के बेटे’ ने जनसभा, रैली और पदयात्रा पर हुए सबसे ज्यादा खर्च भाजपा प्रत्याशी ने वाहनों से ज्यादा फूल-मार्च पर खर्च किये कार और टोटो से हुआ शुभेंदु अधिकारी का प्रचार आपराधिक मामलों की जानकारी देने पर खर्च किये 1.03 लाख रुपए Suvendu Adhikari Nandigram Victory: प्रचार सामग्री और वाहन समेत अन्य खर्च शुभेंदु अधिकारी के चुनाव खर्च का विवरण : एक नजर में Suvendu Adhikari Nandigram Victory: बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में नंदीग्राम सीट पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके कैबिनेट के सबसे कद्दावर नेताओं में एक शुभेंदु अधिकारी के बीच जंग थी.
इस सीट पर जीत दर्ज करना दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल था. आखिरकार शुभेंदु अधिकारी ने बाजी मारी और बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी को यहां हार का सामना करना पड़ा. शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव में ही नहीं, चुनाव खर्च के मामले में भी ममता बनर्जी को पीछे छोड़ दिया.
भाजपा ने शुभेंदु को दिये थे 15 लाख रुपए शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से 2021 विधानसभा चुनाव लड़ते हुए कुल 23.62 लाख रुपए का खर्च दिखाया था. उनके पास चुनाव लड़ने के लिए 21.02 लाख रुपए का फंड था. इसमें 15 लाख रुपए उन्हें 18 मार्च को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मिले थे.
यह चुनाव उन्होंने भाजपा के टिकट पर ही लड़ा था. शुभेंदु को 3 स्रोतों से मिले थे 21.02 लाख रुपए ‘नंदीग्राम के बेटे’ ने इलेक्शन कमीशन को अपने चुनाव खर्च का जो ब्योरा सौंपा था, उसमें बताया है कि उन्होंने उम्मीदवार के तौर पर कुल 23,62,126 रुपए खर्च किये.
हालांकि, उनके पास कुल 21,02,000 रुपए का ही फंड था. ये 21.02 लाख रुपए उनको 3 स्रोतों से मिले. विवरण रकम अपना फंड (चुनाव खर्च के लिए) 42,000 रुपए पार्टी (BJP) से मिली रकम 15,00,000 रुपए चंदा (व्यक्ति, कंपनी, फर्म, संगठन आदि) 5,60,000 रुपए कुल उपलब्ध फंड 21,02,000 रुपए (खर्च के स्टेटमेंट में कुल फंड 21.02 लाख रुपए और कुल घोषित खर्च 23,62,126 रुपए दर्ज हैं.
सुधीर तिवारी से 10 हजार रुपए का चंदा मिला था. इसका जिक्र इस स्टेटमेंट में नहीं किया गया है. संभवत: उन्हें ऐसे ही और छोटे-मोटे डोनेशन मिले रहे होंगे, जिसका जिक्र चुनाव खर्च के स्टेटमेंट में नहीं हुआ होगा.) बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अपनी जेब से 42 हजार रुपए लगाये थे ‘नंदीग्राम के बेटे’ ने सबसे पहले बात शुभेंदु अधिकारी के इलेक्शन फंड की.
बंगाल की चीफ मिनिस्टर के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले भाजपा नेता ने अपने फंड से 42 हजार रुपए खर्च किये. नंदीग्राम के सुधीर तिवारी ने उन्हें 10 हजार रुपए चंदा दिये. भाजपा ने 2 किस्तों में शुभेंदु को 15 लाख (10 लाख + 5 लाख) रुपए चुनाव लड़ने के लिए दिये. बीजेपी ने 15 लाख रुपए 2 किस्त में दी थी चुनाव लड़ने के लिए नंदीग्राम के सुधीर तिवारी से 10 हजार रुपए चंदा मिले अन्य स्रोतों से चंदा – 5,60,000 रुपए अपना फंड – 42,000 रुपए इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी 40 लाख रुपए लेकर उतरीं थीं नंदीग्राम में, सबसे हाई-प्रोफाईल चुनाव में खर्च किये 21.88 लाख जनसभा, रैली और पदयात्रा पर हुए सबसे ज्यादा खर्च शुभेंदु अधिकारी के इलेक्शन एक्सपेंडिचर स्टेटमेंट पर नजर डालेंगे, तो पायेंगे कि जनसभाओं, रैलियों और पदयात्राओं पर होने वाले खर्च में सबसे ज्यादा पैसा पोस्टर, हैंडबिल, पैम्फलेट्स, बैनर, कटआउट्स और होर्डिंग्स पर खर्च हुए.
इस मद में भाजपा प्रत्याशी ने 4,30,188 रुपए खर्च किये. इसके बाद बारी आती है स्टेट, पंडाल, फर्नीचर और पोस्टर आदि पर. इस मद में 3,62,191 रुपए का भुगतान किया गया. इसे भी पढ़ें : Mamata Banerjee Net Worth: कितनी संपत्ति की मालकिन हैं बंगाल की ‘दीदी’ ममता बनर्जी? भाजपा प्रत्याशी ने वाहनों से ज्यादा फूल-मार्च पर खर्च किये वाहनों पर 16,740 रुपए और फूल-माला पर 35,730 रुपए खर्च हुए.
प्रचार में शामिल कलाकारों को 38,500 रुपए दिये गये. बिजली और जनरेटर मद में 9,500 रुपए का खर्च दिखाया गया है. चाय, पानी, कोल्ड ड्रिंक्स, जूस आदि पर 35,035 रुपए खर्च हुए. साउंड सिस्टम पर शुभेंदु अधिकारी ने 1,12,597 रुपए खर्च किये. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी, जानें BJP का ’बूथ-दर-बूथ’ सोशल इंजीनियरिंग प्लान कार और टोटो से हुआ शुभेंदु अधिकारी का प्रचार शुभेंदु अधिकारी ने प्रचार करने के लिए मोटर कार किराये पर ली थी.
कार का रेट अलग-अलग था. कितनी कारें ली गयीं थीं और कितने दिनों तक उसका इस्तेमाल हुआ, उसका पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है. हालांकि, कहा गया है कि 1215 रुपए, 1010 रुपए और 580 रुपए की दर से कार हायर किये गये थे. टोटो और ऑटो रिक्शा के लिए 12,760 रुपए का भुगतान किया गया.
इसे भी पढ़ें : नंदीग्राम से नयी दिल्ली तक 15 बैंक अकाउंट, जानें कितनी संपत्ति है शुभेंदु अधिकारी की? आपराधिक मामलों की जानकारी देने पर खर्च किये 1.03 लाख रुपए अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक करने के मद में उन्होंने 1,02,914 रुपए खर्च किये.
स्टार प्रचारकों की रैलियों को छोड़कर अन्य जनसभाओं, रैलियों और पदयात्राओं का कुल खर्च 11,73,953.44 रुपए रहा. इस मद में इलेक्शन एजेंट ने 7,56,019 रुपए और पार्टी ने 2,46,670 रुपए खर्च किये. इसे भी पढ़ें : 85.87 लाख के मालिक शुभेंदु अधिकारी के पास नहीं है कार, जानें नंदीग्राम के योद्धा की प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस Suvendu Adhikari Nandigram Victory: प्रचार सामग्री और वाहन समेत अन्य खर्च प्रचार सामग्री (रैलियों और जनसभाओं में इस्तेमाल हुई सामग्री को छोड़कर) पर पर शुभेंदु अधिकारी ने 24,770 रुपए खर्च किये.
उम्मीदवार के लिए प्रचार वाहन पर 18,370 रुपए, प्रचार करने वाले कार्यकर्ताओं, इलेक्शन एजेंट पर 39,400 रुपए खर्च किये गये. आपराधिक मामलों की जानकारी देने के लिए इलेक्शन एजेंट ने 86,166 रुपए के और पार्टी ने 16,748 रुपए के विज्ञापन दिये. शुभेंदु अधिकारी के चुनाव खर्च का विवरण : एक नजर में खर्च का विवरण खर्च (रुपए में) स्टार प्राचरकों के लिए जनसभाओं, पदयात्रा आदि पर खर्च (रैलियों को छोड़कर) 11,73,953.40 इलेक्शन एजेंट का कुल खर्च – 7,56,019 रुपए और पार्टी मद से हुए खर्च 2,46,670 रुपए प्रचार सामग्री पर कुल खर्च (रैलियों और जनसभाओं में इस्तेमाल हुई सामग्री को छोड़कर) 24,770 उम्मीदवार के लिए प्रचार वाहन पर खर्च 18,370 प्रचार करने वाले कार्यकर्ताओं, इलेक्शन एजेंट पर खर्च 39,400 आपराधिक मामलों की जानकारी देने के लिए विज्ञापन पर खर्च (इलेक्शन एजेंट की ओर से) 86,166 आपराधिक मामलों की जानकारी देने के लिए विज्ञापन खर्च (पार्टी की ओर से) 16,748 स्रोत : इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया इसे भी पढ़ें बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ बंगाल चुनाव 2026 में ‘बाबरी’ मस्जिद ने बदला सियासी गणित, ढह जायेगा TMC का ‘अल्पसंख्यक’ किला? 9 अप्रैल को आसनसोल के पोलो ग्राउंड में गरजेंगे पीएम मोदी, गैलेक्सी मॉल से कोर्ट तक नो एंट्री Exit Poll पर 9 से 29 अप्रैल तक बैन, दिखाने वाले 2 साल के लिए जायेंगे जेल.