मजबूरी में करती थी TMC का प्रचार, बंगाल में सत्ता बदलते ही बदला श्राबंती चटर्जी का सुर, पार्थ चटर्जी पर किया बड़ा खुलासा
खास बातें कलाकारों पर रहता है दबाव : श्राबंती ‘अभया’ की मां का चेहरा आंखों में तैर गया Srabanti Chatterjee: पार्थ चटर्जी और 2021 की हार का वो अफसोस क्या फिर थामेंगी भाजपा का हाथ? क्या कह रहा श्राबंती का ‘कबूलनामा’? Srabanti Chatterjee TMC Pressure: पश्चिम बंगाल में सत्ता का रंग क्या बदला, टॉलीवुड के सितारों के सुर भी बदलने लगे हैं.
बंगाल की मशहूर अभिनेत्री श्रबंती चटर्जी, जो कभी भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मंचों पर नजर आती थीं, उन्होंने अब नयी भाजपा सरकार के गठन के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है. कलाकारों पर रहता है दबाव : श्राबंती श्राबंती ने स्वीकार किया है कि कलाकार होने के नाते उन पर सत्ता पक्ष (TMC) का काफी दबाव रहता था.
इसलिए उन्हें न चाहते हुए भी उनके कार्यक्रमों में जाना पड़ता था. शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने अभया (आरजी कर केस) के न्याय की उम्मीद भी जतायी है. ‘अभया’ की मां का चेहरा आंखों में तैर गया सत्ता परिवर्तन की खबर मिलते ही श्राबंती भावुक हो उठीं.
उनकी आंखों के सामने सबसे पहले ‘अभया’ की मां का चेहरा आया. एक मां होने के नाते वे चाहती हैं कि राज्य में एक ऐसी सरकार हो, जो महिलाओं को सुरक्षा और पीड़ितों को न्याय दिला सके. अभिनेत्री ने कहा कि अगर यह परिवर्तन बंगाल की भलाई के लिए है, तो वे इसका पूरा समर्थन करती हैं.
इसे भी पढ़ें : लक्ष्मी भंडार योजना 2026 : 1000 रुपए को बढ़ाकर 1500 रुपए क्यों किया गया? पार्थ चटर्जी और 2021 की हार का वो अफसोस श्राबंती ने 2021 के विधानसभा चुनाव के अपने कड़वे अनुभव भी साझा किये. भाजपा के टिकट पर बेहाला पश्चिम सीट पर पार्थ चटर्जी से हार गयीं थीं.
श्रबंती ने कहा- जनता की राय सिर माथे पर थी, लेकिन जब बाद में पार्थ चटर्जी के घर से नोटों के पहाड़ मिले और उनका भ्रष्टाचार सामने आया, तब मुझे बहुत अफसोस हुआ. मुझे लगा कि काश लोग पहले समझ पाते. टीएमसी के लिए प्रचार करने के सवाल पर उन्होंने सफाई दी कि कलाकारों पर बहुत दबाव होता है.
इंडस्ट्री में काम करने के लिए कई बार समझौता करना पड़ता है. बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Srabanti Chatterjee TMC Pressure: क्या फिर थामेंगी भाजपा का हाथ? श्राबंती के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि क्या वे फिर से भाजपा में सक्रिय होंगी.
उन्होंने कहा कि 2021 में शायद भाजपा को बंगाल को और गहराई से समझने की जरूरत थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. क्या कह रहा श्राबंती का ‘कबूलनामा’? श्राबंती ने बंगाल चुनाव 2021 के कुछ समय बाद ही भाजपा से इस्तीफा दे दिया था. अब जब बंगाल में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बन चुकी है, तो श्राबंती का यह ‘कबूलनामा’ टॉलीवुड में मचे बड़े राजनीतिक मंथन की ओर इशारा कर रहा है.
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