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शादी के कुछ घंटे बाद ही भारतीय मूल के पायलट की मौत, घने जंगल में गिरा हेलीकॉप्टर, पत्नी बचीं

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Prabhat Khabar 01 जून 2026, 01:22 pm
शादी के कुछ घंटे बाद ही भारतीय मूल के पायलट की मौत, घने जंगल में गिरा हेलीकॉप्टर, पत्नी बचीं

Indian Origin Pilot Killed: खुशियों से भरा एक शादी समारोह कुछ ही घंटों में मातम में बदल गया. अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में भारतीय मूल के 25 वर्षीय पायलट डेव फिजी की उस हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई, जो उनकी शादी के दिन ही हुआ. हेलीकॉप्टर उड़ा रहे पायलट की भी जान चली गई.

हालांकि, हादसे में डेव की पत्नी जेस्नी गंभीर हादसे के बाद बच गई हैं. उन्हें घायल हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया. केरल से संबंध रखने वाले 25 वर्षीय डेव फिजी डेल्टा एयर लाइंस में पायलट थे. शुक्रवार को उन्होंने जेस्नी के साथ जॉर्जिया के डॉसनविल स्थित ‘द रिवीयर’ वेडिंग वेन्यू में विवाह किया था.

शादी में सैकड़ों मेहमान शामिल हुए थे और परिवार के अनुसार समारोह बेहद शानदार ढंग से संपन्न हुआ. डेव के माता-पिता जॉर्ज और फीबा फिजी कई साल पहले केरल के एर्नाकुलम जिले के मुवत्तुपुझा क्षेत्र से अमेरिका आकर बस गए थे. वहीं जेस्नी का परिवार भी केरल के अलप्पुझा जिले से जुड़ा हुआ है.

परिवार के मुताबिक, डेव और जेस्नी की मुलाकात चर्च से जुड़े परिचितों के जरिए हुई थी. समय के साथ दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और उन्होंने जीवनसाथी बनने का फैसला किया था. शादी के बाद हेलीकॉप्टर से रवाना हुए थे नवविवाहित विवाह समारोह समाप्त होने के बाद नवविवाहित जोड़े के लिए एक विशेष विदाई की व्यवस्था की गई थी.

दोनों हेलीकॉप्टर से अटलांटा के एक होटल जाने वाले थे, जहां वे अपनी शादी की पहली रात बिताने वाले थे. इसके बाद उनका हनीमून कार्यक्रम भी तय था. लेकिन समारोह खत्म होते-होते मौसम तेजी से खराब होने लगा. इलाके में घना कोहरा और बारिश शुरू हो गई, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई थी.

डेव खुद एक अनुभवी पायलट थे और उन्होंने उड़ान को लेकर चिंता भी जताई थी. उनके पिता के अनुसार, डेव ने हेलीकॉप्टर पायलट से कहा था कि इतनी कम दृश्यता में उड़ान भरना सुरक्षित नहीं है. उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसे मौसम में कमर्शियल पायलट आमतौर पर उड़ान नहीं भरते.

हालांकि पायलट ने भरोसा दिलाया कि हेलीकॉप्टर अधिक ऊंचाई पर उड़ेगा और यात्रा जारी रखी गई. घने जंगल में हुआ हादसा उड़ान भरने के कुछ समय बाद हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसा डॉसनविल के पास अटलांटा शहर के स्वामित्व वाली लगभग 10 हजार एकड़ में फैली घने जंगलों वाली भूमि पर हुआ.

दुर्घटनास्थल बेहद दुर्गम था, जिसके कारण बचाव दल को वहां पहुंचने और मलबे तक पहुंचने में काफी समय लगा. जेस्नी करीब छह घंटे तक मलबे के बीच फंसी रहीं. जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को टूटे हुए हेलीकॉप्टर के मलबे के नीचे पाया. उनके ऊपर डेव का शरीर पड़ा हुआ था.

पत्नी ने देखा, लेकिन तब तक जा चुकी थी डेव की जान जॉर्ज फिजी ने बताया कि जेस्नी पेशे से नर्स हैं. होश में आने के बाद उन्होंने डेव को जगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. उनके अनुसार, जेस्नी ने देखा कि डेव के शरीर पर खून था और उनका शरीर पूरी तरह ठंडा पड़ चुका था.

इस हादसे में डेव फिजी और हेलीकॉप्टर पायलट की मौत हो गई, जबकि जेस्नी को कई जगह चोटें आईं. हालांकि राहत की बात यह रही कि उनकी कोई हड्डी नहीं टूटी. फिलहाल उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. ये भी पढ़ें:- इजरायल ने 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट कैसल पर किया कब्जा, क्या है इस लेबनानी किले की अहमियत? बीच-बचाव के लिए कूदा फ्रांस ये भी पढ़ें:- पहलगाम हमले का पाकिस्तान कनेक्शन; आतंकियों से मिले फोन, 4 साल रहे बंद; हमले से पहले हुए एक्टिव; रिपोर्ट मुश्किल था रेस्क्यू ऑपरेशन स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार देर रात हेलीकॉप्टर गिरने की सूचना मिली थी.

बाद में फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने पुष्टि की कि रॉबिन्सन आर66 हेलीकॉप्टर रात करीब 10:30 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ. घटनास्थल के पास रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हादसे की जगह बेहद दुर्गम थी. बचावकर्मियों को ऑफ-रोड वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ा और घनी झाड़ियों को काटकर मलबे तक पहुंचना पड़ा.

उनके मुताबिक, जीवित बची डेव की पत्नी जेस्नी को निकालने में करीब छह घंटे लग गए. बेटे को याद करके भावुक हुए पिता अपने बेटे को याद करते हुए जॉर्ज फिजी ने कहा कि भगवान ने उन्हें एक यादगार और सुंदर शादी का दिन दिया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद सब कुछ दुखद हादसे में बदल गया.

उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में उनका परिवार केवल ईश्वर पर भरोसा करके ही शांति और जवाब तलाशने की कोशिश कर रहा है. जांच शुरू, 30 दिन में आएगी शुरुआती रिपोर्ट हादसे में शामिल हेलीकॉप्टर प्रेस्टिज हेलीकॉप्टर्स कंपनी का था. कंपनी के संचालन निदेशक एंडी व्हिटेकर ने कहा कि पिछले 40 वर्षों में कंपनी का सुरक्षा रिकॉर्ड बेदाग रहा है और उड़ान भरने वाला पायलट इस मार्ग से अच्छी तरह परिचित था.

अब इस हादसे की जांच नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (एनटीएसबी) कर रहा है. जांच एजेंसी ने बताया है कि दुर्घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट अगले 30 दिनों के भीतर जारी की जा सकती है..

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