राम मंदिर दान पात्र विवाद: एक्शन में योगी सरकार, जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT गठित
Ram Mandir Donation Controversy: योगी सरकार ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली SIT बनाई है. श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने यह कमेटी बनाई है. कमेटी को जल्द से जल्द अपनी शुरुआती और अंतिम रिपोर्ट सौंपनी है.
कमेटी में कौन-कौन हैं शामिल? विजय विश्वास पंत, IAS, डिविज़नल कमिश्नर, लखनऊ किरण एस, IPS, IG (रेंज) नील रतन, विशेष सचिव, वित्त Uttar Pradesh | The CM Yogi government has constituted a three-member SIT to investigate the alleged scam involving offerings made at the Ram Mandir.
It was constituted by the government following a request from the Shri Ram Janmabhoomi Mandir Trust. The committee is to submit… — ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 13, 2026 बीजेपी नेता ने वित्तीय लेन-देन और संपत्ति को सार्वजनिक करने की मांग की बीजेपी के नेता रजनीश सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है.
उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बनने के समय से लेकर अब तक के सभी वित्तीय लेन-देन और संपत्ति को सार्वजनिक करने की मांग की. न्होंने भगवान राम को सत्य, धर्म और जन-कल्याण का प्रतीक बताते हुए कहा कि राम के नाम पर काम करने वाली संस्थाओं को पारदर्शिता के उच्चतम मानकों का पालन करना चाहिए.
राम मंदिर में हमारी भूमिका सिर्फ निर्माण कार्य की देखरेख करने तक ही सीमित : नृपेंद्र मिश्र अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि उनकी भूमिका सिर्फ निर्माण कार्य की देखरेख करने तक ही सीमित है. उन्होंने मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी और पैसों में गड़बड़ी के आरोपों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
मंदिर में कथित दान घोटाले के बारे में पूछे जाने मिश्र ने कहा, मैं सिर्फ निर्माण कार्य देखता हूं, और कुछ नहीं. उन्होंने दान घोटाले से जुड़े सवालों पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया..