तृणमूल विधायक कुणाल घोष के घर पर हमला, रात 10 बजे बेलेघाटा कार्यालय में हुई तोड़फोड़
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष के बेलेघाटा स्थित पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई. उनके घर के सामने भी विरोध प्रदर्शन चल रहा है. विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ उपद्रवी आए और उन पर हमला किया. पहले उन्होंने उनके घर का गेट तोड़ दिया. फिर उन्होंने उनके पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की.
बाहर का तार फाड़ दिया गया और बोर्ड तोड़ दिया गया. कुणाल घोष का दावा है कि यह हमला उन्हें डराने के लिए किया गया था. रात करीब 10 बजे शुरु हुई तोड़फोड़ बुधवार रात करीब 10 बजे कुणाल घोष के घर और कार्यालय के सामने प्रदर्शन और तोड़फोड़ की गई. बेलेघाटा विधानसभा के वार्ड नंबर 28 में स्थित तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय पर कई उपद्रवियों ने हमला किया.
कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि उपद्रवी पहले उनके घर के गेट पर गए और उसे धक्का दिया. उस समय वे घर पर नहीं थे. इसके बाद उपद्रवी उनके अस्थायी कार्यालय में गए और तोड़फोड़ की. बंद पड़े पार्टी कार्यालय पर लगा तार फाड़ दिया गया. सुनियोजित तरीके से हुआ हमला बेलेघाटा के विधायक ने आरोप लगाया कि उनके घर और कार्यालय पर जानबूझकर और सुनियोजित तरीके से हमला किया गया.
उन्हें धमकाया जा रहा था. उन्होंने इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया. बताया जा रहा है कि अभी तक पुलिस स्टेशन में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कुणाल घोष ने कहा-मैं उस समय घर पर नहीं था. फिर मुझे खबर मिली कि कुछ बदमाशों ने मेरे घर के सामने और क्लब में तोड़फोड़ की है.
उन्होंने पार्टी कार्यालय में लगे फ्लेक्स को फाड़ दिया. इलाके के लोगों ने तुरंत मुझे बताया कि ये (बदमाश) इलाके के निवासी नहीं थे. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें किसी ने उपद्रवियों को संगठित कर भेजा था कुणाल घोष ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसी ने उन्हें संगठित करके भेजा था.
अगर किसी को लगा कि मैं उनके लिए कांटा हूं, तो वे इन हरकतों से मुझे अपमानित करना चाहते थे. अगर मैं सामने होता, तो वे ये सब करते, तस्वीरें खींचते. पुलिस को सूचित कर दिया गया है और मैं कल सुबह औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराऊंगा. पार्टी के व्हाट्सएप ग्रुप में ये सब बातें फैलाने की जिम्मेदारी गद्दार और बदनाम सुदीप बनर्जी के चाचा ने ली है.
मैं समझता हूं कि इसके पीछे कौन हो सकता है. इन सब हरकतों से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है. Also Read: बंगाल में होगी जाति प्रमाणपत्रों की जांच, अब तक 45,000 लोग संदिग्ध सूची में.