Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
महाराष्ट्र में इलाज के दौरान डॉक्टर की मौत, न्याय की आस टूटने के बाद हाथ पर लिखा सुसाइड नोटप्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 41 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति | वीबी जी राम जी योजना के लिए 29 हजार 619 करोड़ रूपये का अनुसमर्थन दुग्ध उत्पादकों के हित में सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड के उन्नयन के लिए 2 हजार 97जंतर-मंतर प्रोटेस्ट: जेपी नड्डा बोले, CJP प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR होंगी वापससफलता में रहें विनम्र और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें विद्यार्थी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | प्रतिभा को तकनीक से जोड़कर मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने लगभग 1.22 लाख विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप के लिए 304.98 करोप्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत होना गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादवCJP ने 5 सितंबर का दिल्ली मार्च वापस लिया, FIR वापस लेने के सरकार के कदम के बाद बदला फैसलामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य तरुण सागर जी महाराज की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित कीमंत्रालय में राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान का हुआ सामूहिक गायन | सहकारिता मंत्री श्री सारंग और मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने की सहभागिताराहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान पर PM मोदी का निशाना, बोले- कुछ लोग 'झूठ की गूंज' से निराशा फैलाने में लगे हैंHeavy Rain Alert: किस राज्य में होगी बहुत भारी बारिश? IMD ने जारी किया 6 सितंबर तक का वेदर अपडेटनालागढ़ थाने में IED ब्लास्ट मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, तीन और आरोपी गिरफ्तारIMD अलर्ट : सितंबर में सामान्य से कम होगी बारिश, अगस्त ने तोड़ा 125 साल की गर्मी का रिकॉर्डदिल्ली में फिर 'निर्भया' जैसी खौफनाक वारदात, 47 किमी तक चलती बस में दरिंदे करते रहे गैंगरेपसिंहस्थ: 2028 के लिए मिल रहा जनसहयोग दुनिया के लिए उत्कृष्ट उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामघाट पर भूत भावन भगवान महाकालेश्वर की पालकी में विराजित चन्द्रमौलेश्वर का किया पूजन बाबा महाकाल की पंचम सवारी के अवसर पर हुआ विशेष प्रसारKal Ka Mausam: दिल्ली-UP समेत 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, MP-छत्तीसगढ़-बंगाल में भी बरसेंगे बादल

महाराष्ट्र में इलाज के दौरान डॉक्टर की मौत, न्याय की आस टूटने के बाद हाथ पर लिखा सुसाइड नोट

Author
Prabhat Khabar 01 सितंबर 2026, 07:02 pm
महाराष्ट्र में इलाज के दौरान डॉक्टर की मौत, न्याय की आस टूटने के बाद हाथ पर लिखा सुसाइड नोट

महाराष्ट्र के सतारा जिले से आई एक बेहद दुखद घटना ने देश भर में सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली, डॉक्टरों पर बन रहे अनावश्यक दबाव और कार्यस्थल के माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. डॉ राजेंद्र रुपनावर सोलापुर जिले के मांडवे गांव के एक साधारण परिवार से थे.

उन्होंने अपनी मेहनत और परिवार के सहयोग से मुंबई के प्रतिष्ठित 'ग्रांट मेडिकल कॉलेज' से MBBS की डिग्री हासिल की थी. हाल ही में उन्होंने अपने सारे कर्ज चुकाए थे और जीवन में स्थिरता की ओर बढ़ रहे थे. वह पिछले डेढ़ साल से सतारा के फलटण सब-डिस्ट्रिक्ट (उप-जिला) अस्पताल में बतौर कॉन्ट्रैक्ट मेडिकल ऑफिसर सेवा दे रहे थे.

घटनाक्रम और आत्महत्या का प्रयास 27 अगस्त को डॉ राजेंद्र ने मुंबई में कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश की. इसके तुरंत बाद उन्हें गंभीर हालत में मुंबई के सायन अस्पताल में भर्ती कराया गया. गर्दन में आई गंभीर चोटों और इलाज के दौरान पैदा हुई जटिलताओं के बीच उन्हें कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आया और 31 अगस्त को उन्होंने अंतिम सांस ली.

सायन अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मौत का सटीक चिकित्सकीय कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा. राजनीतिक दबाव, उत्पीड़न और हथेली पर लिखा 'सुसाइड नोट' डॉ राजेंद्र की मौत के पीछे काम के दौरान मिल रही मानसिक प्रताड़ना और राजनीतिक दबाव को मुख्य वजह माना जा रहा है- राजनीतिक दबाव का आरोप: कथित तौर पर एक राजनीतिक दल से जुड़े लोग उन पर एक व्यक्ति के लिए गलत तरीके से 'बंदूक लाइसेंस का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट' जारी करने का अनुचित दबाव बना रहे थे.

हथेली पर सुसाइड नोट: राजेंद्र ने 29 जुलाई को अपनी बाईं हथेली पर सुसाइड नोट लिखकर उसकी फोटो अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाई थी. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी हताशा और अपमानित महसूस करने का जिक्र किया था. उनकी पोस्ट्स से यह साफ झलक रहा था कि वे जिस तरह के भारी दबाव और बदसलूकी का सामना कर रहे थे, उससे वे बेहद परेशान थे.

उन्होंने इंस्टाग्राम रील और अन्य सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए भी अपने उत्पीड़न का दुखड़ा रोया था. मदद की गुहार: ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ अपूर्व दलवी और राजेंद्र के करीबी दोस्त डॉ अमोल बानसोडे के मुताबिक, राजेंद्र ने काम के माहौल और अनुचित दबाव को लेकर कई बार अपनी परेशानी साझा की थी.

राजेंद्र पुणे आने के बजाय व्यवस्था से इंसाफ की उम्मीद में वहीं टिके रहे. अधिकारियों से नहीं हो सकी मुलाकात: अपनी शिकायत और दर्द वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए राजेंद्र मुंबई भी गए थे, लेकिन आरोप है कि अधिकारियों से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई, जिसके बाद उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया.

ऐसे ही मामलों से जूझ चुके अन्य डॉक्टर: डॉ राजेंद्र अकेले नहीं हैं जिन्हें ऐसे मुश्किलों का सामना करना पड़ा हो. देश के कई हिस्सों में डॉक्टरों को राजनीतिक दबाव, काम के बोझ और अव्यवस्था के चलते उत्पीड़न झेलना पड़ा है. कई डॉक्टरों ने व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवाज भी उठाई है.

उदाहरण के लिए, [किसी अन्य डॉक्टर का नाम, जिसने इसी तरह की चुनौतियों का सामना किया हो या व्यवस्था में सुधार के लिए काम किया हो] ने भी अपने कार्यकाल के दौरान ऐसी ही कुछ समस्याओं का अनुभव किया था. इससे पता चलता है कि डॉ राजेंद्र की स्थिति कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद एक बड़ी समस्या का हिस्सा है.

कार्रवाई और पुराने मामलों का दोबारा उभरना डॉ राजेंद्र की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन और शासन स्तर पर तुरंत कुछ कड़े कदम उठाए गए हैं, साथ ही पुराने मामले भी गरमा गए हैं. फलटण सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ लीला मडाने को डॉ राजेंद्र की मौत के दिन (31 अगस्त) ही निलंबित कर दिया गया.

निलंबन पत्र में जूनियर डॉक्टरों के साथ असंवेदनशील व्यवहार, कठोर संवाद और अस्पताल प्रशासन में नियंत्रण की कमी का जिक्र है. इसी फलटण सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में वर्ष 2025 में भी एक महिला डॉक्टर ने आत्महत्या की थी. उस समय भी कार्यस्थल पर उत्पीड़न और अधिकारियों के दबाव के आरोप लगे थे.

राजेंद्र की मौत के बाद इस पुराने मामले की भी फिर से निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है. डॉक्टर संगठनों की मांग महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) के अध्यक्ष डॉ अथर्व शिंदे सहित कई चिकित्सा संगठनों ने इस घटना की तत्काल, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है.

संगठनों का कहना है कि डॉक्टरों को काम करने के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और तनावमुक्त माहौल मिलना चाहिए. उन्होंने डॉक्टरों के मानसिक उत्पीड़न को रोकने के लिए सख्त कानून और ठोस संस्थागत तंत्र विकसित करने पर जोर दिया है. ये भी पढ़ें: Rajasthan Weather Alert: 2 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम, कोटा-भरतपुर और जयपुर में भारी बारिश का अलर्ट.

Ad

ताज़ा खबरें

प्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 41 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति | वीबी जी राम जी योजना के लिए 29 हजार 619 करोड़ रूपये का अनुसमर्थन दुग्ध उत्पादकों के हित में सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड के उन्नयन के लिए 2 हजार 97
मध्यप्रदेश

प्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 41 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति | वीबी जी राम जी योजना के लिए 29 हजार 619 करोड़ रूपये का अनुसमर्थन दुग्ध उत्पादकों के हित में सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड के उन्नयन के लिए 2 हजार 97

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट: जेपी नड्डा बोले, CJP प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR होंगी वापस
राष्ट्रीय

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट: जेपी नड्डा बोले, CJP प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR होंगी वापस

सफलता में रहें विनम्र और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें विद्यार्थी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | प्रतिभा को तकनीक से जोड़कर मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने लगभग 1.22 लाख विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप के लिए 304.98 करो
मध्यप्रदेश

सफलता में रहें विनम्र और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें विद्यार्थी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | प्रतिभा को तकनीक से जोड़कर मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने लगभग 1.22 लाख विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप के लिए 304.98 करो

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत होना गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मध्यप्रदेश

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत होना गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

CJP ने 5 सितंबर का दिल्ली मार्च वापस लिया, FIR वापस लेने के सरकार के कदम के बाद बदला फैसला
राष्ट्रीय

CJP ने 5 सितंबर का दिल्ली मार्च वापस लिया, FIR वापस लेने के सरकार के कदम के बाद बदला फैसला