राम मंदिर चंदा विवाद : अरविंद केजरीवाल का आरोप-छुटभैयों को गिरफ्तार कर असली दोषियों को बचा रही है सरकार
Arvind Kejriwal: अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि राम मंदिर दान चोरी मामले में अभी तक सिर्फ छुटभैये आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. जो असली आरोपी हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. यह बस मामले को दबाने की कोशिश है. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई भी है, उनसे कोई पुलिस पूछताछ नहीं हुई है.
आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. कुछ ही दिनों बाद इनकी बेल करा दी जाएगी और पूरे मामले पर लीपा-पोती कर दी जाएगी. चोरी का करोड़ों रुपया आखिर कहां गया? VIDEO | Amritsar: “It is a cover-up to protect major culprits by making arrests of lower-level employees, investigation into missing funds should be done” says AAP national convenor Arvind Kejriwal ( @ArvindKejriwal ) on Ram temple donation funds row.
(Full video available on PTI… pic.twitter.com/vy55Ff7T7p — Press Trust of India (@PTI_News) June 28, 2026 अरविंद केजरीवाल ने मीडिया के सामने कहा कि चंदा चोरी हुआ है 200 करोड़, लेकिन बरामद हुए हैं 80 लाख. मैं यह जानना चाहता हूं कि आखिर बाकी का पैसा कहां गया? सरकार सिर्फ इस चोरी को दबाने की कोशिश कर रही है.
केजरीवाल ने यह आरोप भी लगाया कि जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, वे बहुत मामूली लोग है. गिरफ्तार लोगों से कोई पूछताछ नहीं हुई है, आखिर उन्होंने पैसा कहां पहुंचाया? कुछ भी नहीं पूछा गया है. चंदा विवाद के सामने आने के बाद अयोध्या पहुंचे थे केजरीवाल VIDEO | As general secretary of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Champat Rai, and trust member Anil Mishra tendered their resignations, Delhi AAP President Saurabh Bharadwaj ( @Saurabh_MLAgk ) says, “A single resignation is being portrayed in an exaggerated manner… pic.twitter.com/xfolhs0Oqo — Press Trust of India (@PTI_News) June 28, 2026 श्रीराम मंदिर चंदा विवाद के सामने आने के बाद से अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है.
इसी क्रम में वे अयोध्या भी गए थे और हनुमानगढ़ी जाकर पूजा अर्चना भी की थी. आप के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी सरकार पर हमला किया है और कहा है कि सरकार असली दोषियों को पकड़ने का कोई इरादा नहीं रखती है.पुलिस ने आरोपियों की ज्यूडिशियल कस्टडी भी नहीं मांगी है.
क्या इससे यह पता नहीं चलता कि वे ठीक से जांच और पूछताछ करने को तैयार नहीं हैं? असल में, आरोपियों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि उन्हें बस सभी आरोप मान लेने हैं, उन्हें सजा मिलेगी और उन्हें सुरक्षा दी जाएगी. यह असली आरोपियों को बचाने और मामले को दबाने की कोशिश है.
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