सरकार लाई नया Tax Amendment Bill, विदेशी निवेश से डिजिटल पेमेंट तक कई नियम बदलने की तैयारी
केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 पेश किया। इस बिल में टैक्स से जुड़े कई बदलावों का प्रस्ताव है, जिनका मकसद निवेश बढ़ाना, भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, कारोबार को आसान बनाना और टैक्स नियमों में स्पष्टता लाना है.
इसके साथ ही यह बिल Income-tax (Amendment) Ordinance, 2026 की जगह नया कानून लाने का भी रास्ता तैयार करेगा. सरकार का कहना है कि दुनिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों को देखते हुए ये बदलाव जरूरी हैं. इनका उद्देश्य बाहरी आर्थिक झटकों का असर कम करना और देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखना है.
विदेशी निवेशकों और फंड मैनेजरों के लिए क्या बदलेगा? बिल में ऑफशोर इन्वेस्टमेंट फंड और उनके फंड मैनेजरों से जुड़े टैक्स नियमों को आसान बनाने का प्रस्ताव है. सरकार चाहती है कि भारत ग्लोबल फंड मैनेजमेंट के लिए ज्यादा आकर्षक बने. इसके लिए: अनुपालन (Compliance) से जुड़ी कुछ शर्तों को आसान किया जाएगा.
जरूरी सुरक्षा प्रावधान पहले की तरह बने रहेंगे. विदेशी निवेशकों को टैक्स नियमों में ज्यादा स्पष्टता मिलेगी. इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को क्या फायदा मिलेगा? सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए टैक्स छूट की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है.
पहले यह छूट 2030-31 तक थी, लेकिन अब इसे 31 मार्च 2041 तक बढ़ाने की बात कही गई है. इसके अलावा, जिन इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर यह सुविधा मिलेगी, उनकी सूची भी बढ़ाई जाएगी. इसमें शामिल हैं: लैपटॉप टैबलेट सर्वर हियरएबल्स वेयरेबल्स इनसे जुड़े एक्सेसरीज़ इसका फायदा उन विदेशी कंपनियों को मिलेगा जो भारतीय कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को मशीनरी, उपकरण या टूलिंग उपलब्ध कराती हैं.
सरकारी बॉन्ड और डायमंड कारोबार पर क्या प्रस्ताव है? विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और Bank for International Settlements के लिए सरकार ने सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) से मिलने वाले ब्याज और उनकी खरीद-बिक्री से होने वाले कैपिटल गेन पर टैक्स छूट का प्रस्ताव रखा है.
हालांकि इसके लिए तय रिपोर्टिंग नियमों का पालन करना होगा. वहीं, भारत को वैश्विक डायमंड ट्रेड का मजबूत केंद्र बनाने के लिए योग्य विदेशी डायमंड माइनिंग कंपनियों, ब्रोकर्स, एग्रीगेटर्स और ऑक्शन संस्थाओं को अधिसूचित विशेष क्षेत्रों में रफ डायमंड की बिक्री से होने वाली आय पर 31 मार्च 2041 तक टैक्स छूट देने का प्रस्ताव भी शामिल है.
आम कारोबार और डिजिटल पेमेंट से जुड़े क्या बदलाव होंगे? बिल में बिजनेस ट्रस्ट के यूनिट होल्डर्स को मिलने वाले डिविडेंड पर मौजूद एक टैक्स प्रतिबंध हटाने का प्रस्ताव है, अगर संबंधित SPV ने नया टैक्स सिस्टम चुना हो. इसके अलावा Payment and Settlement Systems Act, 2007 में भी संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है.
इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड से जुड़े प्रावधानों में Income-tax Act का संदर्भ हटाया जाएगा. साथ ही केंद्र सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि वह ऐसे डिजिटल पेमेंट मोड अधिसूचित कर सके, जिन पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई शुल्क नहीं लगा सकें. सरकार का कहना है कि यह बिल Income-tax (Amendment) Ordinance, 2026 की जगह स्थायी कानून लाएगा.
साथ ही वित्त अधिनियम, 2026 के बाद हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर जरूरी टैक्स बदलावों को भी इसमें शामिल किया गया है..