Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
सरकार ने पिछले 12 साल जनकल्यानण को ही समर्पित किए है- श्री सखलेचासभी जिला अधिकारी रोजगार, स्‍वरोजगार योजनाओं एवं अन्‍य विभागीय पैरामीटर्स पर प्रदेश में शीर्ष स्‍थान हासिल करें-श्री चंद्राजिले में 22 जून से 22 जुलाई तक विशेष राजस्व महाअभियानतृणमूल के 2 गुटों के दावों पर निर्णय से पहले दोनों पक्षों को सुनेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरलाबुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाएं और जन-कल्याण के लिए 24 हजार 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति | मध्यप्रदेश (परोपकारी संस्थाओं के लिए) मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति के प्रस्ताव पर उप समिति गठित रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रोंबेहतर प्रबंधन और कुशलता से करायें नीट की परीक्षा, कहीं भी न रहे कोई कमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | नीट (अंडर ग्रेजुएट) परीक्षा 21 जून को प्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों में होगी परीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से की नीट परीक्षा की तैयारियों डीएमके का राहुल गांधी पर वार- उनकी राजनीतिक नासमझी और बेईमानी से क्षेत्रीय पार्टियों को नुकसान हुआमतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण के लिए दावे आपत्ति 25 जून तक आमंत्रितफसल क्षति होने पर पीडित किसान को 56 से अधिक राशि स्‍वीकृतनीमच में 21 जून को होने वाली NEET पुन: परीक्षा की तैयारियां पूर्ण, प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई जिम्‍मेदारीसर्पदंश से पीडित परिवार को चार लाख की आर्थिक सहायता स्‍वीकृतजनसुनवाई में गिरदौडा की बुजुर्ग दम्‍पति को कलेक्‍टर ने दिए भरण पोषण दिलाने के निर्देशजेद्दा जा रहा एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान इंजन में खराबी के कारण वापस लौटा, 180 यात्री थे सवारमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. प्रफुल्ल चंद्र राय की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलिदिल्ली-NCR में सुबह-सुबह जोरदार बारिश, 17 जून से गर्मी बढ़ने की आशंका

बंगाल चुनाव 2026: पहचान नहीं, वजूद की लड़ाई! मुर्शिदाबाद की महिलाओं ने तोड़ी परंपरा, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

Author
Prabhat Khabar 17 अप्रैल 2026, 07:09 am
बंगाल चुनाव 2026: पहचान नहीं, वजूद की लड़ाई! मुर्शिदाबाद की महिलाओं ने तोड़ी परंपरा, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

खास बातें अब पति के कहने पर वोट नहीं डालेंगी रेहाना और हसीना वोटर लिस्ट से सवा लाख से ज्यादा नाम गायब, खौफ में महिलाएं महिलाएं अकेले लड़ रहीं कागजों की लड़ाई पति बेंगलुरु में रहें, मैं यहां अपना वोट खुद चुनूंगी पहचान की राजनीति पर रोजगार और पलायन भारी Murshidabad Women Voters 2026: पहली बार खुद ले रही हैं राजनीतिक निर्णय Murshidabad Women Voters 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के शोर के बीच मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज और लालगोला जैसे क्षेत्रों में एक खामोश इंकलाब दस्तक दे रहा है.

यहां की हजारों महिलाएं अब केवल ‘वोट बैंक’ नहीं, बल्कि स्वतंत्र राजनीतिक शक्ति के रूप में उभर रही हैं. अब पति के कहने पर वोट नहीं डालेंगी रेहाना और हसीना पलायन और बेरोजगारी की मार झेल रहे इस इलाके में महिलाओं ने साफ कर दिया है कि उनके लिए ‘हिंदू-मुसलमान’ की राजनीति से बड़ा मुद्दा उनके परिवार का अस्तित्व और मतदाता सूची में उनका नाम है.

सालों से पतियों के कहने पर वोट डालने वाली रेहाना और हसीना जैसी महिलाओं ने अब अपने फैसले खुद लेने शुरू कर दिये हैं. वोटर लिस्ट से सवा लाख से ज्यादा नाम गायब, खौफ में महिलाएं विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद मुर्शिदाबाद के इन दो क्षेत्रों में जो आंकड़े सामने आये हैं, उसने महिलाओं की रातों की नींद उड़ा दी है.

शमशेरगंज में मतदाता सूची से लगभग 92,000 नाम कटे हैं. लालगोला में भी करीब 69,000 नाम कटे हैं. बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें महिलाएं अकेले लड़ रहीं कागजों की लड़ाई महिलाएं अब दिन भर आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर आईडी लेकर सरकारी दफ्तरों और बूथ कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं.

उनके पति और बेटे कोच्चि, दुबई और मुंबई जैसे शहरों में मजदूरी कर रहे हैं. ऐसे में कागजों की इस लड़ाई को महिलाएं अकेले लड़ रही हैं. पति बेंगलुरु में रहें, मैं यहां अपना वोट खुद चुनूंगी इस बार के चुनाव में महिलाओं का नजरिया पूरी तरह बदल गया है. लालगोला की शबनम खातून कहती हैं कि उनके पति ने बेंगलुरु से फोन कर बताया था कि कौन-सा बटन दबाना है, लेकिन इस बार उन्होंने दो टूक जवाब दे दिया.

शबनम ने उनसे कह दिया कि आप बेंगलुरु में रहिए, यहां मैं रहती हूं. मैं वोट उसे ही दूंगी, जो यहां मेरी मुश्किलों में मदद करेगा. इसे भी पढ़ें : यह वोट नहीं, मेरे भारतीय होने का सबूत है, मुर्शिदाबाद के 6 मजदूरों की कहानी जिन्हें ‘बांग्लादेशी’ बताकर सरहद पार भेज दिया पहचान की राजनीति पर रोजगार और पलायन भारी शमशेरगंज की रेहाना बीबी और हसीना खातून का दर्द एक जैसा है.

उनकी शिकायत है कि नेता केवल धर्म की बात करते हैं, असल मुद्दों पर नहीं. रेहाना पूछती हैं कि नेता पूछते हैं कि हम हिंदू हैं या मुसलमान. कोई यह क्यों नहीं पूछता कि मेरे पति केरल में बर्तन क्यों धो रहे हैं? हसीना खातून कहती हैं कि अब महिलाएं गांव की समस्याओं को पुरुषों से बेहतर समझती हैं.

राशन की लड़ाई हो या पहचान पत्र की, वे खुद बीएलओ दफ्तर जाकर लड़ती हैं. इसे भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी का अमित शाह को चैलेंज- हिम्मत है तो 4 मई को कोलकाता में रहें, सूद समेत होगा हिसाब Murshidabad Women Voters 2026: पहली बार खुद ले रही हैं राजनीतिक निर्णय मुर्शिदाबाद का यह इलाका प्रवासी बहुल है.

यहां के पुरुष काम के सिलसिले में खाड़ी देशों या देश के अन्य बड़े राज्यों में रहते हैं. घर संभालने से लेकर बैंक और सरकारी दफ्तरों के काम तक, अब महिलाएं खुद ही करती हैं. यही आत्मनिर्भरता अब उनके राजनीतिक निर्णयों में भी झलक रही है. शमशेरगंज और लालगोला में महिला मतदाता इस बार बड़ा उलटफेर कर सकती हैं.

इसे भी पढ़ें बंगाल में 1100 अधिकारियों के ट्रांसफर को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, चीफ जस्टिस ने की गंभीर टिप्पणी बंगाल चुनाव का पहला चरण : दागी और धनी उम्मीदवारों का दबदबा, BJP के 70 प्रतिशत प्रत्याशी दागी, TMC के सबसे अमीर मुर्शिदाबाद में वोटर लिस्ट से गायब 11 लाख नाम बनेंगे गेमचेंजर? ध्रुवीकरण की आग में सुलग रही सियासत बंगाल चुनाव के पहले चरण के लिए EVM-VVPAT तैयार, 44378 पोलिंग स्टेशनों पर 23 अप्रैल को वोट.

Ad

ताज़ा खबरें

सरकार ने पिछले 12 साल जनकल्यानण को ही समर्पित किए है- श्री सखलेचा
नीमच

सरकार ने पिछले 12 साल जनकल्यानण को ही समर्पित किए है- श्री सखलेचा

सभी जिला अधिकारी रोजगार, स्‍वरोजगार योजनाओं एवं अन्‍य विभागीय पैरामीटर्स पर प्रदेश में शीर्ष स्‍थान हासिल करें-श्री चंद्रा
नीमच

सभी जिला अधिकारी रोजगार, स्‍वरोजगार योजनाओं एवं अन्‍य विभागीय पैरामीटर्स पर प्रदेश में शीर्ष स्‍थान हासिल करें-श्री चंद्रा

जिले में 22 जून से 22 जुलाई तक विशेष राजस्व महाअभियान
नीमच

जिले में 22 जून से 22 जुलाई तक विशेष राजस्व महाअभियान

तृणमूल के 2 गुटों के दावों पर निर्णय से पहले दोनों पक्षों को सुनेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
राष्ट्रीय

तृणमूल के 2 गुटों के दावों पर निर्णय से पहले दोनों पक्षों को सुनेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाएं और जन-कल्याण के लिए 24 हजार 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति | मध्यप्रदेश (परोपकारी संस्थाओं के लिए) मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति के प्रस्ताव पर उप समिति गठित रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों
मध्यप्रदेश

बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाएं और जन-कल्याण के लिए 24 हजार 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति | मध्यप्रदेश (परोपकारी संस्थाओं के लिए) मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति के प्रस्ताव पर उप समिति गठित रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों