वोटर लिस्ट से नाम हटाये जाने के खिलाफ फिर कोर्ट जायेंगी ममता बनर्जी, BJP पर लगाये गंभीर आरोप
Mamata Banerjee News Today: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. बुधवार को हुगली जिले के आरामबाग, बालागढ़ और श्रीरामपुर में ताबड़तोड़ रैलियां करते हुए ममता बनर्जी ने घोषणा की कि वोटर लिस्ट से करीब 91 लाख लोगों के नाम हटाये जाने के खिलाफ उनकी पार्टी एक बार फिर कोर्ट जायेगी.
उन्होंने साफ कहा कि केवल नाम काटकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को भाजपा नहीं हरा पायेगी. वोटर लिस्ट फ्रीज करना कैसा लोकतंत्र : ममता बनर्जी आरामबाग की रैली में ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग (ECI) को आड़े हाथों लिया.
उन्होंने कहा- अक्टूबर 2025 में 7.66 करोड़ मतदाता थे. इनमें से 90.83 लाख से ज्यादा नाम हटा दिये गये. हम संविधान के अनुसार नामों को वापस शामिल करवाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. जब लोग वोट ही नहीं डाल पायेंगे, तो न्यायाधिकरण (Tribunal) बनाने का क्या फायदा? आप कहते हैं कि लिस्ट फ्रीज कर दी गयी है, हम इसे चुनौती देंगे.
आयोग पर लगाया फोन कर धमकाने का आरोप ममता बनर्जी यहीं नहीं रुकीं. उन्होंने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि आयोग लोगों को फोन करके धमका रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा मतदाताओं को लुभाने के लिए धन का प्रलोभन दे रही है और वोटर लिस्ट में हेरफेर करने की कोशिश कर रही है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भाजपा को वोट दिया तो छूट जायेगा मछली-भात : ममता बालागढ़ की रैली में ममता बनर्जी ने एक नया ‘कल्चरल कार्ड’ खेलते हुए लोगों को चेतावनी दी. उन्होंने कहा- भाजपा को वोट देने का मतलब है अपनी भाषा और खान-पान का त्याग करना.
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लोगों को अंडे, मछली या मांस खाने की आजादी नहीं है. अगर बंगाल में भाजपा की सरकार आ गयी, तो यहां भी मछली, मांस खाना और बांग्ला भाषा बोलना मुश्किल हो जायेगा. इसे भी पढ़ें : बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ बंगाल के विभाजन की साजिश का दावा श्रीरामपुर की जनसभा में ममता बनर्जी ने परिसीमन (Delimitation) को लेकर भी भाजपा को घेरा.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन की आड़ में बंगाल को विभाजित करने की गहरी साजिश रच रही है. वे बंगाल को बांटकर एक और नया राज्य बनाना चाहते हैं, लेकिन हम बंगाल का बंटवारा किसी कीमत पर नहीं होने देंगे. बंगाल चुनाव के इस दूसरे चरण से पहले ममता बनर्जी के इन बयानों ने राज्य की राजनीति में ‘अस्मिता’ और ‘अधिकार’ की लड़ाई को और तेज कर दिया है.
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