आयकर विभाग में एआई का बढ़ता उपयोग, डेटा विश्लेषण से टैक्स अनुपालन पर सख्त निगरानी
अनिल मुकीम (सीए) AI in IT: आयकर विभाग ने कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग को तेज कर दिया है. आयकर विभाग अब करदाताओं के वित्तीय लेनदेन की निगरानी के लिए उन्नत डिजिटल प्रणालियों का उपयोग कर रहा है.
विभाग द्वारा लागू एनालिटिक्स-आधारित सिस्टम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों का मिलान करता है, जिनमें शामिल हैं: वार्षिक सूचना विवरण (AIS), वित्तीय लेन-देन विवरण (TIS), स्त्रोत से कटने वाले कर (Form 26 AS) जीएसटी रिटर्न (GSTR) बैंकिंग लेनदेन, शेयर बाजार डाटा, म्यूचुअल फंड डाटा, अन्य वित्तीय लेन-देन डेटा, के सूचनाओं के आधार पर यदि आयकर रिटर्न (ITR) और वास्तविक वित्तीय गतिविधियों में कोई अंतर पाया जाता है, तो विभाग द्वारा नोटिस एआई के उपयोग से जारी किया जा सकता है.
कर वसूली और निगरानी विशेषज्ञों के अनुसार, आयकर विभाग द्वारा बकाया कर मांग (Outstanding Demand) की वसूली पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. हालांकि, हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रसारित वसूली संबंधी दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है. करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण यह है कि कर विशेषज्ञों की सहायता से AIS, बैंक और जीएसटी डेटा का सही मिलान करना अति आवश्यक हो गया है.
रिटर्न दाखिल करते समय सभी आय स्रोतों का पूर्ण प्रकटीकरण जरूरी है. किसी भी प्रकार की विसंगति पर विभाग की डिजिटल प्रणाली स्वतः अलर्ट कर सकती है. मानव हस्तक्षेप अभी भी आवश्यक है. हालांकि AI और मशीन लर्निंग का उपयोग बढ़ा है, लेकिन अंतिम निर्णय प्रक्रिया में अभी भी आयकर अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है.
हाल में प्रसारित कुछ संदेशों में एआई के माध्यम से बड़ी कर वसूली के दावे किए गए हैं. लेकिन ये दावे अधिकतर प्रचारात्मक या अप्रमाणित प्रतीत होते हैं. पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर आधारित जानकारी पर ही भरोसा करें..