बंगाल में ‘वोट लूट’ पर आर-पार, धरने पर बैठीं ममता की मंत्री शशि पांजा, चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें क्या है पूरा मामला
खास बातें इंडोर स्टेडियम के बाहर धरने पर शशि पांजा और कुणाल घोष टीएमसी का हमला- दिल्ली के जमींदार चुरा रहे जनादेश मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी जायेंगी धरना स्थल पर चुनाव आयोग की सफाई- सुरक्षित हैं सभी स्ट्रांग रूम EVM Ballot Box Tampering Allegation: पोस्टल बैलट का मामला नेताओं को दिखाया गया सच : आयोग QR कोड और थ्री-लेयर सुरक्षा व्यवस्था नेताजी इंडोर स्टेडियम छावनी में तब्दील EVM Ballot Box Tampering Allegation Bengal 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले राज्य में सियासी संग्राम छिड़ गया है.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भाजपा और चुनाव आयोग पर ‘दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या’ करने का गंभीर आरोप लगाया है. टीएमसी ने बृहस्पतिवार की रात 8:31 बजे 46 सेकेंड का एक वीडियो शेयर करते हुए दावा है कि सीसीटीवी फुटेज से यह खुलासा हुआ है कि विपक्षी दलों की अनुपस्थिति में मतपेटियों को खोला जा रहा है.
इंडोर स्टेडियम के बाहर धरने पर शशि पांजा और कुणाल घोष इस विवाद के बाद ममता बनर्जी सरकार की कैबिनेट मंत्री डॉ शशि पांजा और कुणाल घोष ने नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर धरना शुरू कर दिया है. चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है.
टीएमसी का हमला- दिल्ली के जमींदार चुरा रहे जनादेश तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (चुनाव आयोग) की मिलीभगत से चुनावी धोखाधड़ी की जा रही है. वोटर लिस्ट से नाम हटाने और केंद्रीय बलों के डराने-धमकाने के बाद अब भाजपा हताशा में ईवीएम और बैलेट बॉक्स के साथ छेड़छाड़ कर रही है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी जायेंगी धरना स्थल पर पार्टी ने सोशल मीडिया साइट पर लिखा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद इस मामले पर नजर रख रही हैं. जल्द ही धरना स्थल का दौरा करेंगी. पार्टी ने साफ किया है कि वे ‘दिल्ली के जमींदारों’ को जनादेश की चोरी नहीं करने देंगे.
इसे भी पढ़ें : बंगाल समेत 5 राज्यों में काउंटिंग की हाई-टेक व्यवस्था, लागू हुआ QR कोड वाला सुरक्षा कवच चुनाव आयोग की सफाई- सुरक्षित हैं सभी स्ट्रांग रूम विवाद बढ़ता देख चुनाव आयोग ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है. आयोग ने बताया कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र के भीतर 7 विधानसभा क्षेत्रों के स्ट्रांग रूम उम्मीदवारों और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में सुबह 5:15 बजे तक पूरी तरह सील कर दिये गये थे.
❗️ALARMING❗️ This is the murder of democracy in broad daylight. CCTV footage has exposed how @BJP4India , in active collusion with the @ECISVEEP , is opening ballot boxes without the presence of any relevant party stakeholders. This is gross electoral fraud being committed openly… pic.twitter.com/aSe36kGKPI — All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 30, 2026 EVM Ballot Box Tampering Allegation: पोस्टल बैलट का मामला इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के अनुसार, स्ट्रांग रूम के गलियारे में केवल पोस्टल बैलट (डाक मतपत्रों) को अलग करने (Segregation) का काम शाम 4 बजे से चल रहा था, जिसके बारे में उम्मीदवारों और एजेंटों को पहले ही ई-मेल के जरिये सूचित कर दिया गया था.
इसे भी पढ़ें : कोलकाता में बोले मेयर हकीम- 6 मई को शपथ लेंगी ममता बनर्जी, दुर्गापुर में ‘गुड़-बतासा’ और ‘पाचन’ वाली सियासत नेताओं को दिखाया गया सच : आयोग आयोग ने दावा किया कि स्ट्रांग रूम पूरी तरह सुरक्षित और लॉक हैं. इसकी सच्चाई डॉ शशि पांजा, कुणाल घोष और भाजपा के प्रतिनिधियों को खुद मौके पर दिखाकर स्पष्ट कर दी गयी है.
QR कोड और थ्री-लेयर सुरक्षा व्यवस्था काउंटिंग सेंटर्स की सुरक्षा के बारे में आयोग ने पहले ही घोषणा की है कि इस बार प्रवेश के लिए QR कोड आधारित फोटो आईडी अनिवार्य होगी. काउंटिंग हॉल के सबसे आंतरिक घेरे में बिना स्कैनिंग के किसी को भी जाने की अनुमति नहीं होगी.
इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव पर दुनिया की नजर, विदेशी मीडिया ने पूछा- अमीर होने से पहले ‘बूढ़ा’ हो जायेगा भारत? नेताजी इंडोर स्टेडियम छावनी में तब्दील आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों का पालन किया जा रहा है.
फिलहाल, नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर टीएमसी का धरना जारी है और पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें सोनारपुर या रूपा-पुर? दक्षिण सोनारपुर फतह करने निकलीं ‘द्रौपदी’, जानें क्यों छप्पन भोग छोड़ मांगती हैं सिर्फ ‘अंडे की झोल’ कटवा में ‘लाल गढ़’ पर दीदी का कब्जा, क्या युवा और किसान बिगाड़ेंगे खेल? जानें अजय-हुगली के संगम का सियासी मिजाज बंगाल ने तोड़ दिये वोटिंग के सारे रिकॉर्ड, दूसरे चरण में 91.66 फीसदी मतदान, महिलाओं ने फिर गाड़े झंडे बंगाल चुनाव के Exit Poll पर कितना करें भरोसा? 2021 में दिग्गज एजेंसियां हो गयी थी फेल, जानें 2011 और 2016 में किसका गणित था सबसे सटीक.