संसद चलो प्रदर्शन के 5 दिन बाद दिल्ली पुलिस ने जारी किए आंकड़े: बताया- 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र हुए घायल
Delhi Police protest statistics : दिल्ली पुलिस ने 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प के दौरान घायल पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के नए आंकड़े जारी किए हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि 20 जुलाई को मार्च के दौरान 130 पुलिसकर्मी और करीब 65 छात्र घायल हुए थे.
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक 15 FIR दर्ज की गई हैं. ये मामले संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े कानूनों के तहत दर्ज किए गए हैं. जंतर-मंतर पर 3,000 पुलिसकर्मी तैनात पुलिस सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में रोजाना करीब 10,000 लोग पहुंच रहे हैं.
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां लगभग 3,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. दिल्ली पुलिस का यह भी दावा है कि फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरों की मदद से अब तक 2,000 से ज्यादा ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जो प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे.
CJP ने पुलिस के दावों पर उठाए सवाल दिल्ली पुलिस के दावों पर CJP के प्रतिनिधि आशुतोष रांका ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि संगठन भी उन पुलिसकर्मियों की सूची जारी करेगा, जिन पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों और स्वयंसेवकों के साथ मारपीट करने का आरोप है. रांका ने दावा किया कि कई छात्रों के सिर फोड़े गए, स्वयंसेवकों की पसलियां तोड़ी गईं और छात्राओं के साथ भी मारपीट की गई.
उन्होंने कहा कि इन पुलिसकर्मियों की पहचान लोगों की मदद से की जाएगी और सूची सार्वजनिक की जाएगी. 20 जुलाई को हुई थी झड़प 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया.
वहीं, पुलिस का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया और हिंसा भड़काने की कोशिश की, जिसके बाद बल प्रयोग करना पड़ा. दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगा रहे हैं. ये भी पढ़ें : राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर आरोप: कहा- 'मेट्रो बंद कर दी, सड़कें रोक दीं, लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पाए'.