शुभेंदु अधिकारी सरकार बदलेगी पहाड़ों की सूरत, दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी समेत 5 शहर बनेंगे ‘हिमालयी पर्वतीय शहर’
खास बातें 5 शहरों पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का बड़ा प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री का विजन पहाड़ी क्षेत्र, तराई और डुआर्स का होगा सुपरफास्ट विकास Darjeeling Siliguri Himalayan Hill Cities: सिंडिकेट और भ्रष्टाचार से मुक्ति पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर को लगेंगे पंख, स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार Darjeeling Siliguri Himalayan Hill Cities: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद उत्तर बंगाल (North Bengal) के विकास को लेकर एक बेहद ऐतिहासिक और दूरगामी फैसले पर मुहर लग गयी है.
केंद्र सरकार ने राज्य के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों की सूरत बदलने के लिए एक महा-योजना का खाका तैयार किया है, जिसके तहत दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी सहित 5 प्रमुख शहरों को अत्याधुनिक हिमालयी पर्वतीय शहरों (Himalayan Hill Cities) के रूप में विकसित किया जायेगा.
5 शहरों पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का बड़ा प्रस्ताव उत्तर बंगाल के प्रशासनिक मुख्यालय ‘उत्तर कन्या’ में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक के बाद इस ड्रीम प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा की गयी है. पश्चिम बंगाल की शहरी विकास एवं नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस बड़े प्रोजेक्ट का खुलासा किया.
जिन शहरों को विकसित किया जायेगा, उनके नाम इस प्रकार हैं. दार्जिलिंग कलिम्पोंग कर्सियांग मिरिक सिलीगुड़ी केंद्रीय मंत्री का विजन अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने स्वयं इन पांचों शहरों को विशेष भौगोलिक और सामरिक पारिस्थितिकी के अनुरूप ‘हिमालयी पर्वतीय शहरों’ के रूप में अपग्रेड करने का प्रस्ताव रखा है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पहाड़ी क्षेत्र, तराई और डुआर्स का होगा सुपरफास्ट विकास इस परियोजना को लेकर दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने भी केंद्र सरकार के इस बड़े कदम का स्वागत किया. सांसद ने कहा कि यह हमारे क्षेत्र के लिए की गयी अब तक की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित घोषणाओं में से एक है.
राज्य की नयी सरकार अब पहाड़ी क्षेत्रों, तराई और डुआर्स के समग्र और तीव्र विकास सुनिश्चित करने के लिए केंद्र के साथ पूरी इच्छाशक्ति से मिलकर काम करने के लिए तैयार है. इसे भी पढ़ें : अश्विनी वैष्णव की बड़ी घोषणाएं- कोलकाता में दौड़ेंगी नयी पीढ़ी की 60 ट्रेनें, सिलीगुड़ी से दिल्ली तक चलेगी बुलेट ट्रेन Darjeeling Siliguri Himalayan Hill Cities: सिंडिकेट और भ्रष्टाचार से मुक्ति स्थानीय सूत्रों ने कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के दौरान केंद्रीय फंड को लेकर होने वाले विवादों के कारण पहाड़ों का बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया था.
अब इस नये समन्वय से बुनियादी सुविधाओं को नयीति मिलेगी. पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर को लगेंगे पंख, स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार शहरों को ‘हिमालयी पर्वतीय शहर’ के रूप में विकसित करने का मतलब केवल सड़कों का निर्माण नहीं है. इसके तहत आधुनिक कचरा प्रबंधन (Waste Management), इको-फ्रेंडली शहरी परिवहन प्रणाली और भू-स्खलन रोधी अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जायेगा.
सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग के बीच कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाया जायेगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके. इस महा-परियोजना के जमीन पर उतरने से स्थानीय स्तर पर होटल, होम-स्टे, एडवेंचर स्पोर्ट्स और हस्तशिल्प से जुड़े कारोबारों में भारी उछाल आयेगा.
इससे उत्तर बंगाल के युवाओं का पलायन हमेशा के लिए रुक सकेगा. इसे भी पढ़ें उत्तर बंगाल में वज्रपात का कहर, बीएसएफ जवान समेत 3 की मौत ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, राष्ट्रविरोधी टिप्पणी करने का आरोप.