मध्यप्रदेश उद्यमियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को हर समय तत्पर तैयार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मध्यप्रदेश को फ्रांस की ओर से प्राप्त होगा अधिकतम सहयोग : फ्रांस राजदूत श्री माथू भारत और फ्रांस की मैत्री है पुरानी, आगे भी रहेगा परस्पर सहयोग मुख्यमंत्री न
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में भोपाल में संपन्न एक दिवसीय इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव के प्रतिनिधियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फ्रांस के राजदूत थियरी माथू ने भी भेंट की। फ्रांसीसी राजदूत ने कहा कि मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में फ्रांस की ओर से अधिकतम सहयोग प्राप्त होगा।
मध्यप्रदेश में आगामी वर्ष होने वाले ग्लोबल समिट की दृष्टि से फ्रांस और मध्यप्रदेश के मध्य दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग को मजबूत बनाने के प्रयास होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्यमियों के साथ कदम से कदम मिलकर चलने को तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मुख्यमंत्री निवास में मंगलवार की शाम राउंड टेबल मीटिंग में कॉन्क्लेव में हुए विचार-विमर्श और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के संबंध में की गई पहल की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत में फ्रांसीसी राजदूत श्री माथू का अंगवस्त्रम् और पुष्प-गुच्छ से स्वागत करते हुए और विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भेंट की। कॉन्क्लेव में विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में फ्रांस कंपनियों और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन सहित 8 अभिरूचि पत्र (लेटर ऑफ इंटेट) प्रस्तुत किए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्रांस से भोपाल पधारे सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि बदलते दौर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में फ्रांस ने भारत सरकार की नीतियों का स्वागत किया।
भारत-फ्रांस की मित्रता के अनेक उदाहरण देखने को मिलते हैं। यह मैत्री पुरानी है और आगे भी परस्पर सहयोग की परम्परा बनी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया तो फ्रांस ने भारत का समर्थन किया था। फ्रांस से भारत ने राफेल डील भी की।
दुनिया का एडवांस फाइटर जेट राफेल भारत की सीमाओं की रक्षा कर रहा है। यूरोपियन यूनियन के साथ भारत सरकार ने मुक्त व्यापार समझौता किया है। यह हमारी मित्रता के लिए सोने पर सुहागा है। इससे वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। भारत के साथ काम करते हुए सभी क्षेत्रों में व्यापार-व्यवसाय की व्यापक संभावनाएं हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में हम रक्षा, तकनीक, कौशल विकास सहित अन्य क्षेत्रों में मिलकर अच्छी नीतियों के साथ कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर बदलाव नजर आए। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद एक नया भारत देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी औद्योगिक निवेश की अपार क्षमता, योग्यता और संभावनाएं हैं। राज्य सरकार का फोकस व्यापार-व्यवसाय में निवेश बढ़ाने पर है। निवेश दोनों पक्षों की आपसी सहमति से आगे बढ़ता है। औद्योगिक विकास में लंबी छलांग लगाने के लिए राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है।
हमारे पास तकनीक के साथ-साथ अनेक अनुकूल पक्ष हैं। मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने के कारण कनेक्टिविटी के मामले में सबसे बेहतर है। समृद्ध पर्यटन क्षेत्र, औद्योगिक शांति और प्रकृति की अनुकूलता से उद्योगों का विकास आसान है। राज्य सरकार ने पहले नारी कल्याण, फिर उद्योग एवं रोजगार वर्ष और अब कृषक कल्याण वर्ष की शुरुआत की है।
वर्ष 2026 में कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनोफी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बीच हुए अनुबंध को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया। अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग हितैषी नीतियां लागू हैं।
पर्यटन, रक्षा क्षेत्र, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक, नवकरणीय ऊर्जा आदि में प्रदेश अग्रणी राज्य बन रहा है। इंडो-फ्रेंच कॉन्क्लेव में प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश पर चर्चा स्वागत योग्य है। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह भी राउंड टेबल मीटिंग में उपस्थित थे।
प्रारंभ में इंडो फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव के प्रतिनिधियों का मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय स्वागत किया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारत-फ्रांस औद्योगिक साझेदारी का उभरता केंद्र बनेगा। इन कंपनियों से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए कॉन्क्लेव में इंडो-फ्रेंच चैंबर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री और मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कॉन्क्लेव में फ्रांस के राजदूत के अलावा आईएफसीसीआई की महानिदेशक सुश्री पायल एस कंवर और लगभग 150 प्रतिनिधियों से हिस्सा लिया, जिसमें भारतीय और फ्रांसीसी कंपनियों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राजनियक, नीति निर्माता, शासकीय अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे।
कॉन्क्लेव में पोमा रोपवेस, एआई वैनसिटी एण्ड मेडिकेप्स यूनीवर्सिटी, डासाल्ट सिस्टमस, सफलेट, सियस्ट्रा, एन्जी जैसे प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।