मिडिल ईस्ट जंग: पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति डॉ मसूद से की बात, होर्मुज पर हुई चर्चा
Middle East War: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत के बाद एक्स पर एक पोस्ट डाला जिसमें लिखा- मैंने राष्ट्रपति डॉ मसूद पेजेश्कियन से बात की और उन्हें ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने ईरान पर हुए हमले की निंदा की पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत के बारे में बताया- हमने उम्मीद जताई कि यह त्योहारों का मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आएगा.
हमने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और ग्लोबल सप्लाई चैन को बाधित करते हैं. पीएम मोदी बोले- शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहे पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति के साथ बातचीत में होर्मुज पर फ्री नेविगेशन पर चर्चा की.
पीएम ने कहा- शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहे. ईरान के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में, प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान द्वारा दिए जा रहे निरंतर सहयोग की सराहना की. Prime Minister Narendra Modi tweets, "Spoke with President Dr Masoud Pezeshkian and conveyed Eid and Nowruz greetings.
We expressed hope that this festive season brings peace, stability and prosperity to West Asia. Condemned attacks on critical infrastructure in the region, which… pic.twitter.com/898vYmr2rP — ANI (@ANI) March 21, 2026 ईरान को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर बोला हमला कांग्रेस ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है.
कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युद्धविराम कराने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति और इजराइल के प्रधानमंत्री के साथ अपनी बहुचर्चित मित्रता का भी इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने कहा, क्या मोदी सरकार ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए उस भीषण हवाई हमले की निंदा या आलोचना की या खेद व्यक्त किया है.
जिसके कारण अब भारत सहित पूरी दुनिया में गंभीर आर्थिक अस्थिरता पैदा हो गई है? जवाब है-नहीं. जयराम रमेश ने पूछा- क्या मोदी ने ईरानी नेताओं की हत्या की निंदा की? जयराम रमेश ने पूछा- क्या मोदी सरकार ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के टॉप लीडर की हत्या किए जाने की निंदा या आलोचना की या खेद व्यक्त किया? जवाब है- नहीं.
रमेश ने कहा, क्या मोदी सरकार ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान में शासन परिवर्तन और राज्य को अस्थिर करने की उन क्रूर कोशिशों की निंदा या आलोचना की या खेद व्यक्त किया,जिनकी वजह से ईरान में गृहयुद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है? जवाब है- नहीं. ईरान में अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत युद्ध में अब तक ईरान में 1300 से अधिक, लेबनान में 1000 से ज्यादा, इजराइल में 15 और इस क्षेत्र में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है.
लेबनान और ईरान में लाखों लोग विस्थापित हुए हैं. ये भी पढ़ें: ईरान युद्ध में भारत के पश्चिमी तट का इस्तेमाल करेगा अमेरिका? जानिए वायरल खबर की सच्चाई.