जिले में इस साल संतरा फलोद्यान का रकबा 1500 हेक्टेयर बढ़ाए-श्री चंद्रा
कलेक्टर ने ए.पी.सी.समूह की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश जिले में इस वर्ष किसानों को प्रेरित कर संतरा फलोद्यान का रकबा 1500 हेक्टेयर बढ़ाने के विशेष प्रयास करें। साथ ही हर एक पंचायत में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पी.एम.एफ.एम.ई.) के तहत न्यूनतम एक खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करवाया जाए। सभी विभागों के अधिकारियों से समन्वय कर उन्हें किसानों को प्रेरित कर, किसानों से संवाद के कार्य में लगाकर, मिट्टी परीक्षण करवाने का अभियान चलाए तथा जिले में 10 हजार से अधिक किसानों के खेतों में मिट्टी का नमूना लेकर, स्वाईल हेल्थ कार्ड बनाए। बैठक में कलेक्टर ने किसानों को ई-विकास पोर्टल/ ई-टोकन के माध्यम से ही उर्वरक का वितरण करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा , कि कृषि विभाग के अधिकारी गत वर्ष अधिक उर्वरक का उपयोग करने वाले किसानों से संवाद कर, उन्हें मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक का न्यूनतम उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने सोयाबीन के स्थान पर मक्का व मूंगफली की उपज लेने के लिए भी किसानों को प्रेरित करने और आवश्यकता के अनुसार उन्हें मक्का व मूंगफली बीज उपलब्ध करने के निर्देश भी उप संचालक कृषि को दिए है। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, डेयरी व अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, प्रधान कृषि वैज्ञानिक डॉ.सी.पी.पचोरी, सहायक आयुक्त सहकारिता श्री राजू डाबर, उप संचालक कृषि श्री दिनेश मण्डलोई, उपसंचालक पशुपालन डॉ.राजेश पाटीदार सहित उद्यानिकी, डेयरी व अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।