शासनाधीन मंदिरों के सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं विकास पर विशेष जोर
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने गुरुवार को धर्मस्व विभाग की समीक्षा बैठक लेकर जिले के शासनाधीन मंदिरों के प्रबंधन, विकास एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी देवस्थानों से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मंदिरों के सुव्यवस्थित संचालन, सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। बैठक में कलेक्टर ने जिले के शासनाधीन मंदिरों में पुजारियों की वर्तमान स्थिति एवं रिक्त पदों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को नियमानुसार एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप रिक्त पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री चंद्रा ने नीमच, मनासा एवं जावद तीनों अनुविभागों में 10-10 प्रमुख मंदिरों का चयन कर उनकी प्रबंध समितियों का गठन करने के निर्देश दिए, ताकि मंदिरों का संचालन अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से किया जा सके। बैठक में मंदिर प्रांगण के विकास तथा मंदिरों की भूमि के संरक्षण एवं प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। उन्होंने मंदिर परिसरों में स्थापित खराब सीसीटीवी कैमरों की शीघ्र मरम्मत कराने तथा आवश्यकता अनुसार नए सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि मंदिरों के विकास, रखरखाव एवं श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी एवं सुनियोजित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश, एसडीएम नीमच श्री पराग जैन, एसडीएम मनासा सुश्री किरण अंजाना, एसडीएम जावद श्री संजीव साहू, डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे एवं सुश्री श्रुति भयडिया सहित जिले के सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।