मच्छररोधी दवा के छिड़काव पर उठे सवाल, नगर परिषद सीएमओ ने दिए जांच व सुधार के निर्देश
रामपुरा। नगर में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को रोकने के उद्देश्य से नगर परिषद द्वारा नालियों में लिक्विड कीटनाशक का छिड़काव किया गया, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह दवा एक ही दिन में अपना प्रभाव खो बैठी।
नागरिकों का कहना है कि नालियों में लगातार बह रहे सीवरेज के पानी और बारिश के कारण दवा बह गई, जिससे अगले ही दिन उसका असर लगभग समाप्त हो गया। लोगों का दावा है कि मच्छरों की संख्या में कोई विशेष कमी नहीं आई, जिसके चलते नगर परिषद की नई व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पहले नालियों के किनारों पर लंबे समय तक प्रभावी रहने वाली दवा का उपयोग किया जाता था, जबकि इस बार लिक्विड कीटनाशक का प्रयोग किया गया। उनका कहना है कि यदि दवा बहते पानी में तुरंत बह जाती है, तो इससे अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाएंगे।
सीएमओ ने लिया संज्ञान
इस संबंध में नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नंदलाल प्रजापति ने कहा कि, "आपके माध्यम से मुझे इस घटनाक्रम की जानकारी मिली है। मैंने तत्काल सफाई दरोगा एवं सफाई व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित दवा का छिड़काव प्रत्येक आवश्यक बिंदु पर किया जाए, न कि उसे सीधे सीवरेज के बहते पानी में डाला जाए। यदि कहीं लापरवाही हुई है तो उसे सुधारा जाएगा।"
सीएमओ के निर्देश के बाद अब नगर परिषद की टीम द्वारा छिड़काव की प्रक्रिया में सुधार किए जाने की संभावना है। वहीं नागरिकों ने मांग की है कि मच्छर नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक एवं टिकाऊ उपाय अपनाए जाएं, ताकि डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।