विश्व मत्स्य दिवस पर गांधीसागर में मछुआरों का सम्मान, सुरक्षा और आधुनिक मत्स्य पालन का दिया संदेश
**गांधीसागर। विश्व मत्स्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को मत्स्य महासंघ कार्यालय परिसर, गांधीसागर में जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मत्स्य विभाग और मत्स्य महासंघ के अधिकारियों ने मछुआरा समाज एवं मत्स्य पालकों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों तथा जल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडीएफ नीमच देव शाह ने बताया कि 10 जुलाई 1957 को वैज्ञानिक डॉ. ए.एच. अजीमुल्ला एवं एच.एल. चौधरी ने हार्मोन इंजेक्शन के माध्यम से कृत्रिम प्रजनन (इंड्यूस्ड ब्रीडिंग) तकनीक में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की थी। इसी कारण 10 जुलाई का दिन मत्स्य क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि मछुआरे मत्स्य उत्पादन, संरक्षण एवं आधुनिक मत्स्य पालन के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था और शासन के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
मत्स्य महासंघ गांधीसागर के क्षेत्रीय प्रबंधक महेन्द्र उइके ने कहा कि महासंघ मछुआरा परिवारों के हित में अनेक योजनाएं संचालित कर रहा है और हर पात्र परिवार तक समय पर लाभ पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जलाशयों और तालाबों में कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले मछुआरे देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं।
रायपुरिया सरपंच एवं महासंघ प्रतिनिधि तूफान सिंह केवट ने जल सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि नाव संचालन के दौरान सभी मछुआरों को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनना चाहिए तथा दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मछुआरे और मत्स्य ठेकेदार एक-दूसरे के पूरक हैं और ईमानदारी व मेहनत से अधिक उत्पादन कर सभी लाभान्वित हो सकते हैं।
स्थानीय मछुआ प्रतिनिधि खुदीराम विश्वास ने मछुआरों से शासन की सभी योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित मछुआरों को सुरक्षा एवं जनजागरूकता संबंधी पुस्तिकाओं का वितरण किया गया। साथ ही उत्कृष्ट समिति संचालन एवं बेहतर मत्स्य उत्पादन करने वाले मछुआरों को मूल्यांकन के आधार पर पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मत्स्य पालक, मछुआरा समाज के सदस्य तथा विभागीय अधिकारी मौजूद **रहे।