सीटीसी नीमच की भव्य शपथ परेड: 61 नव-अधीनस्थ अधिकारी राष्ट्र सेवा के लिए तैयार, उत्कृष्ट कैडेट हुए सम्मानित
**नीमच | 25 मई 2026
केंद्रीय प्रशिक्षण महाविद्यालय (सीटीसी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) नीमच में सोमवार को 61 नव-नियुक्त अधीनस्थ अधिकारियों (भूतपूर्व सैनिक) का बुनियादी प्रशिक्षण सह शपथ ग्रहण परेड समारोह जोश, अनुशासन और देशभक्ति के माहौल में संपन्न हुआ। 12 सप्ताह के कठिन एवं गहन प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षु अब राष्ट्र सेवा के लिए पूर्ण रूप से तैयार हो गए हैं।
समारोह के मुख्य अतिथि सीटीसी नीमच के निदेशक एवं प्राचार्य श्री दर्शन लाल गोला ने परेड की सलामी ली। परेड का नेतृत्व उप निरीक्षक/कैडेट मंजीत सिंह ने किया, जबकि उप निरीक्षक/कैडेट करण कुमार कौशल परेड के द्वितीय कमान अधिकारी रहे। परेड मैदान पर प्रशिक्षुओं का अनुशासन, कदमताल और उत्साह देखने लायक रहा।
कार्यक्रम में आरटीसी एवं सीटीसी नीमच के वरिष्ठ अधिकारियों सहित स्थानीय प्रशासन, पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मीडिया कर्मी और जवानों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
12 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण
2 मार्च 2026 से प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, युद्ध कौशल, कानून, प्रबंधन एवं निहत्थी लड़ाई का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही भीड़ नियंत्रण, मानवाधिकार, आपदा प्रबंधन एवं पुलिस-जनसंपर्क जैसे विषयों पर भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
जंगल सर्वाइवल से लेकर रणकौशल तक
प्रशिक्षुओं को जंगल सर्वाइवल प्रशिक्षण देकर विपरीत परिस्थितियों में प्राकृतिक संसाधनों के सहारे जीवन यापन और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से मुकाबले के लिए भी तैयार किया गया।
उत्कृष्ट कैडेटों को मिला सम्मान
समारोह के दौरान इनडोर एवं आउटडोर गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को मुख्य अतिथि द्वारा ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में निदेशक श्री दर्शन लाल गोला ने कहा कि अब ये प्रशिक्षु देश के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात होकर राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता की जिम्मेदारी निभाएंगे तथा सदैव कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहेंगे।
समारोह में प्रशिक्षुओं के परिजन भी भावुक नजर आए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रणकौशल प्रदर्शन ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। अंत में सामूहिक समूह चित्र एवं मीडिया संवाद के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।**