संसद का मानसून सत्र: 12 बिल पास, FCRA विधेयक JCP के पास; राज्यसभा में 37 घंटे 49 मिनट ही हुआ काम
सत्र के दौरान अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया. विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह के बयान और चर्चा की मांग पर अड़ा रहा, जिस पर अंत तक सहमति नहीं बन सकी.
12 बिल संसद से पास, FCRA विधेयक जेसीपी के पास भे दिया गया संयुक्त समिति को भेजा गया FCRA विधेयक: विपक्षी दलों की आलोचना और सामाजिक संगठनों की मांग के बाद 'विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' को विस्तृत समीक्षा के लिए संसद की संयुक्त समिति के पास भेज दिया गया.
परीक्षा सुधार विधेयक पारित: नीट पेपर लीक विवाद के बीच 29 जुलाई को दोनों सदनों ने 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' को मंजूरी दे दी. इस पर लोकसभा में करीब 10 घंटे चर्चा हुई, जिसके दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली.
राष्ट्रगीत से जुड़ा विधेयक: विपक्ष के हंगामे के बीच 'राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी पारित किया गया, जिसमें 'जन गण मन' की तर्ज पर 'वंदे मातरम' के गायन को भी अनिवार्य बनाने का प्रावधान है. इन बिलों को मिली संसद से मंजूरी सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक, 2026 न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा: एक भी दिन नहीं चल सका प्रश्नकाल लोकसभा में पूरे सत्र के दौरान एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल सुचारू रूप से नहीं चल सका.
केवल 28 और 29 जुलाई को ही सदन में सामान्य माहौल देखने को मिला. राज्यसभा: 37 घंटे 49 मिनट ही हुआ काम राज्यसभा (271वां सत्र) के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने बताया कि सत्र के दौरान कुल 37 घंटे 49 मिनट ही कामकाज हो सका. राज्यसभा में 285 तारांकित प्रश्नों में से केवल 16 पटल पर रखे गए राज्यसभा में 285 तारांकित प्रश्नों में से केवल 16, शून्यकाल के 380 विषयों में से 52 और 380 विशेष उल्लेखों में से केवल 93 मुद्दे ही सदन के पटल पर रखे जा सके.
अंतिम दिन 'खान एवं खनिज संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा और इसे पारित करने के बाद दोपहर 12:05 बजे बैठक स्थगित कर दी गई. ये भी पढ़ें: लोकसभा में हुआ 19% काम, लेकिन यह सबसे खराब प्रदर्शन नहीं; 2010 में सिर्फ 5% चली थी कार्यवाही.