पशुपालन एवं डेयरी विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र पशुपालकों के किसान क्रेडिट कार्ड के प्रकरण तैयार कर समय-सीमा में केसीसी जारी कराना सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र पशुपालक इस सुविधा से वंचित न रहे। कलेक्टर श्री चंद्रा ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पशुपालकों को केसीसी के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि केसीसी से संबंधित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने सेक्टरवार कृत्रिम गर्भाधान एवं एफएमडी (मुंहपका-खुरपका) टीकाकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि 15 अगस्त तक दोनों कार्यों में शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित की जाए। निर्धारित लक्ष्य पूर्ण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान आचार्य विद्यासागर योजना, डेयरी प्लस योजना, बैकयार्ड योजना एवं बकरी पालन योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उप संचालक पशुपालन को निर्देश दिए कि 15 अगस्त के पूर्व सभी योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप स्वीकृतियां प्रदान कर हितग्राहियों को ऋण वितरण सुनिश्चित कराया जाए। कलेक्टर ने जिले में पदस्थ मैत्री कार्यकर्ताओं का युक्तियुक्तकरण करने तथा जहां मैत्री कार्यकर्ता उपलब्ध नहीं हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव, उप संचालक पशुपालन डॉ. ए.आर. धाकड़ सहित सभी विकासखंड स्तरीय पशु चिकित्सा अधिकारी एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी उपस्थित थे।