सीआरपीएफ की जन्मस्थली नीमच में 88वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया: शहीदों को श्रद्धांजलि, 8,888 पौधों का रोपण और राष्ट्रसेवा का संकल्प
नीमच, 27 जुलाई। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का 88वां स्थापना दिवस उसकी जन्मस्थली नीमच स्थित ग्रुप केंद्र में उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। वर्ष 1939 में तत्कालीन क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस के रूप में नीमच से शुरू हुई सीआरपीएफ आज देश की आंतरिक सुरक्षा की सबसे सशक्त और विश्वसनीय सुरक्षा बलों में अग्रणी है।
समारोह का आयोजन महानिरीक्षक श्रीमती नीतू डी. भट्टाचार्य के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शौर्य स्थल पर अमर शहीदों को महानिदेशक, सीआरपीएफ की ओर से पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत ग्रुप केंद्र एवं आसपास के क्षेत्रों में 8,888 विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। वहीं पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, सीआरपीएफ नीमच की 88 छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया।
इस अवसर पर संयुक्त अस्पताल, सीआरपीएफ द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया, जिसमें जवानों और उनके परिवारजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आवश्यक परामर्श प्रदान किया।
गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार आयोजित विशेष अभियान के अंतर्गत चित्रकला, लघु वीडियो और क्विज प्रतियोगिताओं में नीमच के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को MyGov पोर्टल पर भी अपलोड किया गया।
समारोह में ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) अनुपम शर्मा (उप महानिरीक्षक, सीटीसी), प्रमोद कुमार सिंह (उप महानिरीक्षक, आरटीसी) सहित ग्रुप केंद्र, रेंज कार्यालय, संयुक्त अस्पताल, प्रथम बटालियन, चतुर्थ सिग्नल बटालियन के अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, जवान एवं बड़ी संख्या में परिवारजन उपस्थित रहे।
दिनभर चले आयोजनों के समापन पर ग्रुप केंद्र के सभी मेसों में पारंपरिक 'बड़ा खाना' आयोजित किया गया। पूरे समारोह में अनुशासन, सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। अधिकारियों, जवानों, परिवारजनों और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस को ऐतिहासिक और यादगार बना दिया। 🇮🇳