बंगाल चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक हिंसा, कांग्रेस कार्यकर्ता और भाजपा प्रत्याशी पर हमला
West Bengal Political Violence: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से पहले ही राजनीतिक हिंसा का दौर शुरू हो गया है. खासकर उत्तर बंगाल और उससे सटे इलाकों में सियासी पारा गरम है. मंगलवार को मालदा में कांग्रेस कार्यकर्ता और भाजपा उम्मीदवार पर हमला हुआ.
आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगा, लेकिन सत्तारूढ़ दल ने हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया. टीएमसी ने कहा कि यह जनता का गुस्सा है, जो सामने आया है. भाजपा प्रत्याशी रथींद्र नाथ बोस के काफिले पर जानलेवा हमला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि उत्तर बंगाल के कूचबिहार में उसके उम्मीदवार रथींद्र नाथ बोस के काफिले पर जानलेवा हमला हुआ.
भाजपा ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) को जिम्मेदार ठहराया है. सत्ताधारी दल ने इसे मतदाता सूची से नाम कटने पर ‘आम जनता का आक्रोश’ करार दिया है. चुनावी प्रचार से लौटते वक्त हुआ हमला घटना कूचबिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के सुतकबारी इलाके की है.
भाजपा उम्मीदवार रथींद्र नाथ बोस चुनाव प्रचार खत्म कर घर लौट रहे थे. तभी उनके काफिले को घेर लिया गया. भाजपा का आरोप है कि लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से लैस उपद्रवियों ने वाहनों पर हमला कर दिया. इस हमले में काफिले की एक गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गये. भाजपा का एक कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गया है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें BJP का आरोप- हार के डर से डरा रही है TMC हमले के बाद रथींद्र नाथ बोस ने कहा- तृणमूल कांग्रेस हार के डर से बौखला गयी है. वे हमारे कार्यकर्ताओं को डराने के लिए हिंसा का सहारा ले रहे हैं, लेकिन बंगाल की जनता इसका जवाब देगी.
भाजपा नेताओं का दावा है कि हमलावर टीएमसी के झंडे लिये हुए थे और उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया. TMC की सफाई- SIR प्रक्रिया का नतीजा है यह विरोध तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. स्थानीय नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम काट दिये गये हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है.
टीएमसी नेता ने कहा- जनता का गुस्सा भाजपा उम्मीदवार पर फूटा है, क्योंकि वे इन विसंगतियों के लिए जिम्मेदार हैं. इसमें हमारी पार्टी का कोई हाथ नहीं है. West Bengal Political Violence: पुलिस बल तैनात, जांच शुरू घटना के बाद इलाके में भारी तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया- हमें भाजपा उम्मीदवार की ओर से शिकायत मिली है. काफिले पर हमले और तोड़फोड़ के आरोपों की गहन जांच की जा रही है. दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा. मालदा में कांग्रेस कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला इससे पहले, मालदा जिले में कांग्रेस पंचायत समिति सदस्य नशेदा खातून के पति मोर्तुज आलम पर जानलेवा हमला हुआ.
पंचायत समिति सदस्य ने आरोप लगाया है कि उनके पति को घर से घसीटकर तृणमूल कार्यकर्ता ले गये. बाहर में लोहे की रॉड से उनकी पिटाई की. इससे उनके पति के सिर और आंखों में गंभीर चोटें आयीं हैं. घटना मालदा के चंचल पुलिस स्टेशन के शाहबाजपुर गांव में हुई. इसे भी पढ़ें चुनाव से पहले बंगाल में राजनीतिक हिंसा, टीएमसी-बीजेपी के बीच पथराव, जानलेवा हमले का आरोप, देखें Video मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर हिंसा के बीच रिपोर्ट कार्ड बनाम चार्जशीट, तृणमूल-भाजपा आमने-सामने मालदा में कांग्रेस कार्यकर्ता पर हमला, घर से घसीटकर लोहे की रॉड से हुई पिटाई बंगाल में राजनीति और हिंसा का चोली दामन का साथ क्यों होता है ?.