Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
अभिजीत दीपके की मां का दावा! BJP जॉइन करो, वरना माता-पिता भुगतेंगे अंजाममुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के संबंध में अधिकारियों को दिए निर्देशअद्वितीय है महर्षि सांदीपनि आश्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांदीपनि आश्रम में की पूजा-अर्चना स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने लगभग 5100 वर्ष पूर्व इसी पावन स्थल पर महर्षि सांदीपनि से ग्रहण की थी विद्याभारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव उच्च स्थान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदसौर में आयोजित कार्यक्रम में वीसी से हुए शामिलमतदाता पहचान पत्र, आधार और पैन कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसलाप्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को गहराई से समझने के लिये उन्हें उज्जैन के सांदिपनी आश्रम अवश्य आना चाहिए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री गुरु पूर्णिमा पर महर्षि सांदीपनि आश्रम में श्रद्धा समारोह में हुए शामिल गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तीन पुस्तकों का कियग्वालियर बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब, लगभग 15 हजार करोड़ रुपए निवेश और 5 हजार रोजगार होगा सृजन | नई दिल्ली में होगा देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन का एम.ओ.यू मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से मध्यप्रदेश की दूरसंचार विनिर्माण के राषगुरूकुल परम्परा और नवीन तकनीक से गढ़ेंगे भविष्य का मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | उज्जैन में खुलेगी धन्वंतरी मेडिकल यूनिवर्सिटी गुरू पूर्णिमा पर उज्जैन से हुआ प्रदेश में नए शैक्षणिक युग का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 1000 प्राथमिक शिक्षकों को दिए नियुक्ति लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक परीक्षाओं की शुचिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव। 🩺 निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर 📍 ग्राम सांगाखेड़ा | 👨‍⚕️ 43 मरीजों को मिला स्वास्थ्य लाभ आयुष विभाग की पहल, जांच, परामर्श और औषधियां निःशुल्कInternational Tiger Day 2026 : भारत के वे टाइगर रिजर्व, जहां रहते हैं सबसे अधिक बाघग्राम सांगाखेड़ा में निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर किया गया आयोजित,जिला स्तरीय गुरु वंदन-अभिनंदन एवं सम्मान समारोह गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्नजिले में अब तक औसत 307.7 मि.मी. वर्षा दर्जकलेक्टर की अध्यक्षता में एपीसी समूह की समीक्षा बैठक संपन्न

एसआईआर घमासान के बीच बंगाल की चुनावी तस्वीर

Author
Prabhat Khabar 08 मई 2026, 07:53 pm
एसआईआर घमासान के बीच बंगाल की चुनावी तस्वीर

BJP Government Formation in Bengal: 15 साल के बाद बंगाल में सियासत बदली है. पहली बार बीजेपी की सरकार बन रही है. सुवेंदु अधिकारी राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. बंगाल चुनाव में इस बार जितनी गहमा-गहमी देखने को मिली शायद इससे पहले कभी नहीं दिखी.

चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक माहौल काफी गरम था. कई विपक्षी दल इसकी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे थे. इसे चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर देखा जा रहा था. चुनाव परिणाम आने के बाद विपक्ष के कई नेताओं ने बीजेपी की जीत के पीछे SIR की भूमिका होने का आरोप लगाया.

इसपर सवाल उठाया गया. हालांकि चुनावी आंकड़े, अदालतों की निगरानी और राजनीतिक रुझान यह संकेत देते हैं कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि पूरे देश में लागू की गई एक नियमित चुनावी प्रक्रिया थी. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया है.

इसमें फर्जी, डुप्लीकेट या मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है. चुनाव आयोग पहले भी कई राज्यों में इसी तरह की प्रक्रिया चला चुका है. क्यों एसआईआर पर उठ रहा सवाल? विपक्षी दलों की तरफ से यह आरोप लगाया जा रहा है कि एसआईआर से चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई है.

हालांकि, आंकड़ों पर ध्यान दें तो उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बीजेपी शासित राज्यों में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए थे. ये सभी भाजपा शासित राज्य हैं और इनमें भी बड़े स्तर पर एसआईआर संशोधन हुआ. बात करें पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों की तो इसे सिर्फ वोट प्रतिशत और मतदाता सूची में हुए बदलावों के आधार पर समझना अधूरी तस्वीर पेश करेगा.

भारत की ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट’ चुनाव प्रणाली में थोड़े से वोटों का अंतर भी सीटों के नतीजों में बड़ा बदलाव ला सकता है. यही वजह है कि कई बार मामूली वोट स्विंग भी सत्ता परिवर्तन का कारण बन जाता है. बंगाल की राजनीति पहले भी ऐसे बड़े बदलाव देख चुकी है. 2006 से 2011 के बीच वाम मोर्चे का कमजोर होना और टीएमसी का सत्ता में आना किसी एक घटना का परिणाम नहीं था, बल्कि धीरे-धीरे बदलते जनमत का असर था.

बंगाल चुनाव में यह भी दिलचस्प रहा कि जिन सीटों पर सबसे अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए, उनमें से कई सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की है. कुछ जगहों पर हटाए गए मतदाताओं की संख्या जीत के अंतर से भी ज्यादा थी. चुनावी नतीजों के आधार पर प्रतिक्रिया सही नहीं बंगाल में बीजेपी की जीत पर जितने सवाल उठ रहे हैं इससे पहले शायद किसी चुनाव में इतने सवान नहीं उठाये गये हों.

मतदाता सूची को लेकर भी ढेर सारे आरोप लग रहे हैं. चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे देखें तो केरल और तमिलनाडु में भी बड़ा उलटफेर हुआ. लेकिन, राजनीतिक दलों ने इसे जनमत माना. वहीं बंगाल में जीत को एसआईआर से जोड़ा जा रहा है. विपक्ष चुनावी हार के बाद चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है.

इससे यह धारणा पनप रही है कि संस्थाओं पर सवाल केवल राजनीतिक सुविधा के अनुसार उठाए जा रहे हैं. बंगाल में वास्तविक राजनीतिक बदलाव देखने को मिला चुनावी परिणामों में पश्चिम बंगाल में सत्ता-विरोधी माहौल और राजनीतिक बदलाव की झलक साफ दिखाई दी. BJP ने अपनी पुरानी सीटों को बरकरार रखा और कई नई सीटों पर भी बढ़त बनाई.

अधिकांश क्षेत्रों में पार्टी का वोट शेयर बढ़ा. जबकि, TMC को कई सीटों पर वोट शेयर में गिरावट का सामना करना पड़ा और उसने अपने कई पारंपरिक गढ़ खो दिए. विपक्ष का दावा है कि मतदाता सूची से नाम हटाने का फायदा BJP को मिला. लेकिन उपलब्ध आंकड़े इस दावे को कमजोर करते हैं.

कई ऐसी सीटें हैं जहां नाम हटाए गए, लेकिन वहां TMC ने जीत दर्ज की. 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन केवल उन इलाकों तक सीमित नहीं था जहां ज्यादा नाम हटाए गए थे. उत्तर बंगाल, जंगलमहल और प्रेसिडेंसी क्षेत्र सहित पूरे राज्य में पार्टी का वोट आधार बढ़ता दिखाई दिया.

लोकतंत्र सवालों से चलता है, लेकिन अविश्वास से नहीं लोकतंत्र की विश्वसनीयता केवल चुनावी नतीजों पर निर्भर नहीं हो सकती. अगर हर हार के बाद चुनावी संस्थाओं और प्रक्रियाओं पर संदेह जताया जाए, तो इससे जनता का भरोसा कमजोर होता है और राजनीतिक दलों के भीतर आत्मविश्लेषण की जरूरत पीछे छूट जाती है.

पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने कई पुराने राजनीतिक अनुमानों को जरूर चुनौती दी है. लेकिन इन नतीजों ने एक बार फिर यह साबित किया कि भारत का मतदाता बेहद स्वतंत्र सोच रखता है और वह समय आने पर ऐसे फैसले ले सकता है, जिनकी राजनीतिक दलों और विश्लेषकों ने शायद कल्पना भी न की हो..

Ad

ताज़ा खबरें

अभिजीत दीपके की मां का दावा! BJP जॉइन करो, वरना माता-पिता भुगतेंगे अंजाम
राष्ट्रीय

अभिजीत दीपके की मां का दावा! BJP जॉइन करो, वरना माता-पिता भुगतेंगे अंजाम

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के संबंध में अधिकारियों को दिए निर्देश
नीमच

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के संबंध में अधिकारियों को दिए निर्देश

अद्वितीय है महर्षि सांदीपनि आश्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांदीपनि आश्रम में की पूजा-अर्चना स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने लगभग 5100 वर्ष पूर्व इसी पावन स्थल पर महर्षि सांदीपनि से ग्रहण की थी विद्या
मध्यप्रदेश

अद्वितीय है महर्षि सांदीपनि आश्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांदीपनि आश्रम में की पूजा-अर्चना स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने लगभग 5100 वर्ष पूर्व इसी पावन स्थल पर महर्षि सांदीपनि से ग्रहण की थी विद्या

भारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव उच्च स्थान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदसौर में आयोजित कार्यक्रम में वीसी से हुए शामिल
मध्यप्रदेश

भारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव उच्च स्थान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | मुख्यमंत्री गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदसौर में आयोजित कार्यक्रम में वीसी से हुए शामिल

मतदाता पहचान पत्र, आधार और पैन कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला
राष्ट्रीय

मतदाता पहचान पत्र, आधार और पैन कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला