विजया राहतकर ने कहा- जिम्मेदार पत्रकारिता केवल खबरों के प्रस्तुतीकरण तक सीमित नहीं होनी चाहिए
लता रानी की रिपोर्ट नयी दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में एनसीडब्ल्यू की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन मीडिया मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. शनिवार को समापन समारोह में विजया राहतकर ने समाज में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को बढ़ावा देने में मीडिया की भूमिका पर जोर दिया.
एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने कहा- जेंडर-संवेदनशील रिपोर्टिंग गरिमा, सत्य और न्याय के प्रति एक प्रतिबद्धता है, जहां महिलाओं की आवाज को सम्मान दिया जाता है, न कि उसे सनसनीखेज बनाया जाता है. 20 राज्यों और केंद्र शासित राज्यों के पत्रकारों ने लिया हिस्सा दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में देशभर के प्रिंट और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने भाग लिया, जिसमें 20 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व रहा.
सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदार, नैतिक और जेंडर-संवेदनशील रिपोर्टिंग को बढ़ावा देना था. दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन उद्घाटन सत्र के दौरान दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों- ट्रूकॉलर द्वारा ट्रू साइबर सखी और राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा रिपोर्टिंग विद डिग्निटी का विमोचन किया गया.
ये दोनों प्रकाशन मीडिया पेशेवरों को नैतिक रिपोर्टिंग और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं. प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किये सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किये, चुनौतियों पर चर्चा की और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग के बेहतर तरीकों पर विचार-विमर्श किया.
इसके अलावा, माननीय अध्यक्ष विजया राहतकर द्वारा एक विशेष इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ खुलकर संवाद किया और पत्रकारों को समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनने तथा महिलाओं के सशक्तीकरण की मजबूत आवाज बनने के लिए प्रेरित किया.
सम्मेलन के महत्वपूर्ण सत्र मीडिया कानून और नैतिक ढांचा – इसे सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता एवं एनसीडब्ल्यू समिति की सदस्य डॉ पिंकी आनंद ने संबोधित किया. महिलाओं से संबंधित कानून – इसमें एनसीडब्ल्यू के विधि अधिकारी मनमोहन वर्मा ने कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी.
मीडिया इन ट्रांजिशन, वूमेन इन ट्रांसफॉर्मेशन : पोर्ट्रेयिंग विद डिग्निटी, डेप्थ एंड डाइवर्सिटी – इसे भारतीय जनसंचार संस्थान की कुलपति डॉ प्रज्ञा पालीवाल गौड़ ने संबोधित किया. भाषा, प्रस्तुतीकरण और रिपोर्टिंग प्रैक्टिस : इसे प्रसार भारती की प्रसारक स्वाति गुप्ता ने संचालित किया, जिसमें भाषा की भूमिका और जिम्मेदार कहानी कहने पर जोर दिया गया..