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ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

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Prabhat Khabar 10 जून 2026, 09:08 am
ममता बनर्जी के चारों ओर सन्नाटा! फोन बंद, चेहरे गायब, दीदी के सबसे करीबी सांसदों ने संकट में मुंह फेरा

खास बातें लुटियंस जोन में टीएमसी के राष्ट्रीय वजूद का पतन दिल्ली में भी बिखर गया ममता का ‘पावर सिंडिकेट’ कॉल उठाने से किया परहेज अभिषेक बनर्जी के दिल्ली आवास पर मायूसी Mamata Banerjee Delhi Visit Political Silence: राजनीति में जब वक्त बदलता है, तो रसूखदार से रसूखदार नेताओं के दरबार भी किस तरह सूने पड़ जाते हैं, इसका सबसे जीवंत उदाहरण नयी दिल्ली में देखने को मिला.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद विद्रोह का सामना कर रहीं तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी जब इंडिया (INDIA) गठबंधन की बैठक में भाग लेने पहुंचीं, तो जो माहौल था, उसकी कभी दीदी ने कल्पना भी नहीं की होगी. लुटियंस जोन में टीएमसी के राष्ट्रीय वजूद का पतन तृणमूल कांग्रेस के जो सांसद कल तक ‘दीदी-दीदी’ कहते नहीं थकते थे, संकट की अंतिम घड़ी में उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से पूरी तरह से दूरी बना ली है.

दिल्ली के लुटियंस जोन में टीएमसी के राष्ट्रीय वजूद का पूरी तरह से पतन हो चुका है. दिल्ली में भी बिखर गया ममता का ‘पावर सिंडिकेट’ दिल्ली पहुंचने के बाद ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने बगावत को रोकने के लिए अपने सांसदों से संपर्क साधने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन बदले में उन्हें केवल सन्नाटा मिला.

रविवार रात से लेकर सोमवार तक ममता बनर्जी की कोर टीम और कालीघाट के रणनीतिकारों ने टीएमसी सांसदों को फोन किये, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया. काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय के नेतृत्व वाले बागी गुट के अधिकांश सांसदों के फोन या तो स्विच्ड ऑफ (बंद) थे या आउट ऑफ रीच (पहुंच से बाहर).

इसे भी पढ़ें : शताब्दी रॉय ने भी छोड़ा ममता बनर्जी का साथ, कहा- दीदी अब बहुत बदल चुकी हैं कॉल उठाने से किया परहेज जिन गिने-चुने सांसदों के फोन चालू भी थे, उन्होंने स्क्रीन पर मुख्यमंत्री आवास या अभिषेक बनर्जी के सचिवालय का नंबर देखते ही या तो कॉल डिस्कनेक्ट कर दी या कॉल को नजरअंदाज (Unanswered Calls) किया.

यह पहली बार था, जब दिल्ली में ममता बनर्जी की राजनीतिक कॉल को किसी सांसद ने इस तरह ठुकराने की हिम्मत दिखायी है. बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें चाटुकारों ने भी बदला पाला कल तक जो लोग दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही ममता बनर्जी के लिए गुलदस्ते लेकर कतारों में खड़े हो जाते थे, इस बार वे साउथ एवेन्यू और नॉर्थ एवेन्यू (टीएमसी की सत्ता का मुख्य केंद्र) के सरकारी आवासों से गायब रहे.

ये तमाम चेहरे दीदी के पास जाने की बजाय चुपके से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और शताब्दी रॉय के दिल्ली बंगले पर चल रही बैठक में जा रहे थे. सांसदों की सामूहिक अनुपस्थिति ममता बनर्जी को अंदर तक झकझोर गयी. Mamata Banerjee Delhi Visit Political Silence: अभिषेक बनर्जी के दिल्ली आवास पर मायूसी ममता बनर्जी दिल्ली प्रवास के दौरान अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के दिल्ली आवास पर ठहरीं, लेकिन वहां का माहौल बेहद गमगीन रहा.

अभिषेक ने अपने कुछ बेहद वफादार दूतों को बागी सांसदों को मनाने और डिनर पर आमंत्रित करने के लिए भेजा, लेकिन बागी खेमे के रणनीतिकारों ने साफ कह दिया कि अब बहुत देर हो चुकी है. वे एनडीए को समर्थन देने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे. इसे भी पढ़ें महुआ मोईत्रा को ‘इश्क करो पार्टी’ में शामिल होने का ऑफर! जस्टिस काटजू और टीएमसी सांसद के वार-पलटवार का क्या है सच? कौन हैं काकोली घोष दस्तीदार और रीतब्रत बनर्जी, जिन्होंने लगा दी ममता बनर्जी की ‘लंका’, जानिए 2 बागियों की इनसाइड स्टोरी यूसुफ पठान पर भड़कीं महुआ मोईत्रा, कहा- अमित शाह के बुलावे पर दिल्ली भागे? शर्म करो, थोड़ी हिम्मत दिखाओ ममता बनर्जी का रीतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष मानने से इनकार, स्पीकर के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची टीएमसी.

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