अमित शाह की चार्जशीट से भड़की TMC, जवाबी आरोपपत्र में मांगा मणिपुर हिंसा पर हिसाब
TMC Counter Chargesheet Against BJP: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का घमासान अब ‘आरोपपत्र बनाम आरोपपत्र’ की जंग में तब्दील हो गया है. शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ 40 पन्नों की चार्जशीट जारी की.
इसके कुछ ही घंटों बाद, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी अपना जवाबी दस्तावेज पेश कर दिया. टीएमसी ने न केवल अमित शाह के आरोपों को खारिज किया, बल्कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा और मणिपुर हिंसा जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया.
मणिपुर और हाथरस पर चुप क्यों हैं शाह – महुआ मोईत्रा ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की ओर से महुआ मोईत्रा ने मोर्चा संभाला. उन्होंने बंगाल सरकार के मंत्री ब्रात्य बसु और तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद कीर्ति आजाद के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
इन मुद्दों पर अमित शाह से सवाल पूछे. महिला सुरक्षा : महुआ मोईत्रा ने कहा- अमित शाह बंगाल में महिला सुरक्षा की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पहले मणिपुर का जवाब देना चाहिए. मणिपुर में पिछले 3 साल से रक्तपात जारी है. भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं की स्थिति क्या है, यह पूरी दुनिया जानती है.
मणिपुर हिंसा : टीएमसी ने आरोप लगाया कि शाह अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए बंगाल पर उंगली उठा रहे हैं. सीमा सुरक्षा : पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने घुसपैठ के आरोपों पर शाह को आईना दिखाया. कहा कि अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं. सीमा सुरक्षा बल (BSF) उनके अधीन है.
घुसपैठ हो रही है, तो यह केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की विफलता है. निर्वाचन आयोग पर सवाल : टीएमसी ने पूछा कि भाजपा नियंत्रित चुनाव आयोग उन ‘विदेशी नागरिकों’ के नाम जारी क्यों नहीं कर पा रहा है, जिनका दावा भाजपा करती है? बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ‘असम मॉडल’ और ‘डिटेंशन कैंप’ का डर तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा जान-बूझकर बंगाली और बांग्लादेशी के बीच की लकीर को धुंधला कर रही है.
ब्रात्य बसु ने दावा किया कि भाजपा का असली मकसद बंगाल में असम की तरह ‘डिटेंशन कैंप’ (निरुद्ध शिविर) मॉडल थोपना है. उन्होंने कहा कि भाजपा के पास विकास का कोई मुद्दा नहीं है. इसलिए वह घुसपैठ और ध्रुवीकरण के जरिये बंगाल को बांटना चाहती है. अमित शाह जी, बंगाल की जनता को डराना बंद कीजिए.
आप 15 राज्यों में राज करते हैं और केंद्र की सत्ता भी आपके पास है. अगर आप सीमाओं की रक्षा नहीं कर सकते, तो अपनी विफलता का ठीकरा ममता बनर्जी पर मत फोड़िए. ब्रात्य बसु, वरिष्ठ नेता, TMC TMC के जवाबी आरोपपत्र के 5 प्रमुख मुद्दे विफल गृह मंत्रालय: सीमा की सुरक्षा केंद्र की जिम्मेदारी है.
अगर घुसपैठ हो रही है, तो अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए. मणिपुर हिंसा : 3 साल से जल रहे मणिपुर पर अमित शाह की चुप्पी ‘शर्मनाक’ है. चुनावी ध्रुवीकरण : चुनाव जीतने के लिए भाजपा बंगाल के भाईचारे को सांप्रदायिकता की आग में झोंक रही है. SIR की विफलता : मतदाता सूची में गड़बड़ी करके असली बंगालियों को परेशान किया जा रहा है.
झूठी चार्जशीट : अमित शाह का दस्तावेज झूठ का पुलिंदा है, जो केवल चुनाव से पहले प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए लाया गया है. इसे भी पढ़ें मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर हिंसा के बीच रिपोर्ट कार्ड बनाम चार्जशीट, तृणमूल-भाजपा आमने-सामने घुसपैठिये तय नहीं करेंगे बंगाल का भविष्य, ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ अमित शाह की 40 पेज की चार्जशीट दिलीप घोष बोले- 4 मई के बाद सब बदल जायेगा, यूपी स्टाइल में होगा माफिया का एनकाउंटर बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने किया धर्मयुद्ध का शंखनाद, BJP को कहा ‘कौरव’, TMC को ‘पांडव’.