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ममता बनर्जी ने 12 साल पहले तानिया भारद्वाज को कहा था माओवादी, टीएमसी की हार पर दिया बड़ा रियैक्शन

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Prabhat Khabar 27 मई 2026, 07:50 am
ममता बनर्जी ने 12 साल पहले तानिया भारद्वाज को कहा था माओवादी, टीएमसी की हार पर दिया बड़ा रियैक्शन

खास बातें तानिया ने कहा- ये अहंकार की हार है क्या था 2012 का वो चर्चित विवाद? 12 साल बाद न्याय जैसा अहसास : तानिया की जुबानी आरजी कर कांड का किया उल्लेख बंगाल का बदला हुआ मिजाज स्वतंत्र नागरिक के रूप में राहत महसूस कर रहीं भारद्वाज Taniya Bhardwaj on West Bengal Election Result: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक नतीजों ने न केवल सत्ता बदली है, बल्कि 12 साल पुराने उन जख्मों को भी हरा कर दिया है, जो कभी ममता बनर्जी के एक विवादित बयान से उपजे थे.

तानिया ने कहा- ये अहंकार की हार है वर्ष 2012 में एक टीवी शो के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सरेआम छात्रा तानिया भारद्वाज को माओवादी (Maoist) करार दिया था. वही तानिया आज फिर चर्चा में हैं. बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद तानिया ने इसे ‘अहंकार की हार’ बताया है.

उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने अंततः उस विचारधारा और व्यवहार को नकार दिया है, जो असहमति की आवाज़ को दबाने के लिए नामकरण (Labelling) का सहारा लेती थी. क्या था 2012 का वो चर्चित विवाद? मामला मई 2012 का है, जब ममता बनर्जी को सत्ता में आये महज एक साल हुआ था.

कोलकाता के प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय की तत्कालीन छात्रा तानिया भारद्वाज ने एक लाइव टॉक शो के दौरान मुख्यमंत्री से राज्य में बढ़ते अपराध और सुरक्षा को लेकर सवाल पूछा था. सवाल सुनते ही ममता बनर्जी मंच पर भड़क गयीं और उन्होंने तानिया को ‘माओवादी’ कह दिया.

इतना ही नहीं, ममता बीच में ही शो छोड़कर चली गयीं थीं. इस घटना ने तब अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के प्रतीक के रूप में देखा गया था. इसे भी पढ़ें : 100 से ज्यादा टीएमसी पार्षदों का इस्तीफा, ममता बनर्जी ने कहा- जो जाना चाहते हैं, जा सकते हैं 12 साल बाद न्याय जैसा अहसास : तानिया की जुबानी चुनाव परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए तानिया भारद्वाज ने कहा कि यह जनादेश किसी एक पार्टी की जीत से ज्यादा एक तानाशाही सोच की हार है.

तानिया के अनुसार, वर्ष 2012 में जो बीज बोया गया था, वह सत्ता का पूर्ण अहंकार था. जब आप एक साधारण नागरिक या छात्र के सवाल का जवाब देने की बजाय उसे देशद्रोही या माओवादी कहते हैं, तो आप जनता का सम्मान खो देते हैं. बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आरजी कर कांड का किया उल्लेख उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना ने बंगाल के सोये हुए विवेक को जगा दिया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है.

तानिया ने कहा कि बंगाल के युवाओं ने दिखा दिया है कि उन्हें डराया जा सकता है, लेकिन हमेशा के लिए चुप नहीं कराया जा सकता. Taniya Bhardwaj on West Bengal Election Result: बंगाल का बदला हुआ मिजाज तानिया भारद्वाज का बयान ऐसे समय में आया है, जब शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी ने बंगाल में 208 सीटें जीतकर ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत किया है.

तानिया जैसे चेहरे, जिन्हें कभी ममता शासन के दौरान ‘उत्पीड़ित’ माना गया था, अब सोशल मीडिया पर ‘बंगाल के असली हीरो’ के रूप में पेश किये जा रहे हैं. इसे भी पढ़ें : टीएमसी में बगावत! काकोली घोष दस्तीदार का इस्तीफा, I-PAC पर फोड़ा हार का ठीकरा, ममता को दी सलाह- ‘भूंइफोड़’ संस्थाओं से बचें स्वतंत्र नागरिक के रूप में राहत महसूस कर रहीं भारद्वाज तानिया का कहना है कि वे अब भी किसी राजनीतिक दल की पक्षधर नहीं हैं, लेकिन एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में वे आज राहत महसूस कर रही हैं कि अब कोई मुख्यमंत्री किसी छात्र को उसकी राय के लिए ‘आतंकवादी’ नहीं कहेगा.

इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026 में हार के बाद ‘कॉकरोच’ के सहारे ममता-अभिषेक! वायरल CJP का किया समर्थन TMC में गृहयुद्ध! नेताओं ने I-PAC को ठहराया जिम्मेदार, ममता बनर्जी को संकट की चेतावनी, क्या खतरे में है दीदी की कुर्सी? ब्यूटी पार्लर वाली दीदी और RSS की खामोश गूंज, जानें कैसे भाजपा ने ममता के किला को ढाहने के लिए बिछाया माइक्रो-कैंपेन का जाल शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के फैसले को पलटा, भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई की सीबीआई को दी खुली छूट.

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