सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 19वां दिन: 9 KG गिरा वजन, बोले- "अभी दो-चार दिन में नहीं मरने वाला"
Sonam Wangchuk Hunger Strike: अपनी बिगड़ती सेहत को लेकर लोगों की चिंताओं के बीच सोनम वांगचुक ने बुधवार देर रात एक वीडियो संदेश जारी किया. जिसमें उन्होंने कहा, उनके शरीर के अंदरूनी हिस्से, दिल और ईसीजी रिपोर्ट फिलहाल 18 दिनों के उपवास के हिसाब से सामान्य हैं.
उन्होंने कहा, "मेरी हालत ऐसी नहीं है कि मैं दो-चार दिन में मर जाऊंगा. मैं इसे और कई दिनों तक जारी रख सकता हूं." उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे उन्हें भूख हड़ताल खत्म करने के लिए न कहें, क्योंकि सरकार से बिना किसी सकारात्मक जवाब के पीछे हटने से गलत संदेश जाएगा.
इसके बजाय उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को 'कॉजपा' के प्रस्तावित संसद मार्च को मजबूत बनाने की अपील की. दिल्ली हाई कोर्ट ने भी जताई चिंता दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है और अधिकारियों को उनकी नियमित चिकित्सीय निगरानी करने के निर्देश दिए हैं.
कोर्ट ने कहा- "हमारा मानना है कि किसी भी नागरिक की जिंदगी कीमती है और सरकारी अधिकारियों को उसे बचाने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए." केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों ने अदालत को आश्वस्त किया है कि उन्हें वांगचुक की नियमित मेडिकल निगरानी करने में कोई आपत्ति नहीं है.
क्या है सोनम वांगचुक की मेडिकल स्थिति? वांगचुक के स्वास्थ्य पर 24 घंटे नजर रख रहे वरिष्ठ जनरल फिजीशियन डॉ सतीश लांबा ने गुरुवार को मेडिकल अपडेट जारी किया. जिसमें बताया गया, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है. शुगर लेवल 80 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर है और पल्स रेट 72 बीट प्रति मिनट दर्ज की गई है.
ब्लड प्रेशर लेटने की अवस्था में 105/61 mmHg और बैठने की अवस्था में 101/65 mmHg मापा गया है. पानी का बेहतर स्तर होने के बाद उनका कीटोन लेवल 3-प्लस से घटकर 2-प्लस पर आ गया है, लेकिन यूरिक एसिड का स्तर काफी अधिक है, जो मांसपेशियों के कमजोर होने का संकेत है.
डॉ सतीश लांबा ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दी चेतावनी डॉ सतीश लांबा ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी देते हुए कहा- "शरीर का ग्लूकोज भंडार खत्म होने के बाद अब वसा और मांसपेशियां गल रही हैं. अगला चरण काफी चिंताजनक हो सकता है क्योंकि अंगों पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है.
हम सरकार से जल्द से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील करते हैं." आंदोलन को मिल रहा है चौतरफा समर्थन जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक नेताओं और फिल्मी हस्तियों का भारी समर्थन मिल रहा है. किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए वांगचुक से मिलने की घोषणा की है.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी प्रदर्शन स्थल पर जाने का कार्यक्रम है. सपा सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव भी वांगचुक से मिलने पहुंची. अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने वांगचुक के समर्थन में 16 जून को अपने घर पर एक दिन की भूख हड़ताल रखने की घोषणा की है.
संगीतकार विशाल ददलानी (अमेरिका से), अभिनेता सयाजी शिंदे, लेखिका शोभा डे सहित ओमी वैद्य, जीनत अमान, सोनी राजदान, शबाना आजमी, अनुराग कश्यप और अभय देओल ने वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए सरकार से बातचीत की अपील की है. क्यों हो रहा है प्रदर्शन? नीट (NEET) परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने 6 जून को दिल्ली में पहला प्रदर्शन शुरू किया था.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह आंदोलन 20 जून से अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया. गुरुवार को इस विरोध प्रदर्शन का 27वां दिन है. सोनम वांगचुक 28 जून को इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे और तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं.
20 जुलाई को संसद मार्च का कार्यक्रम मानसून सत्र के पहले दिन CJP ने "चलो संसद" मार्च का आह्वान किया है, जिसके लिए अब तक करीब 1.5 लाख लोगों ने वेबसाइट और मिस्ड कॉल के माध्यम से अपना पंजीकरण कराया है. ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक भूख हड़ताल : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा- जिंदगी अनमोल है, वांगचुक की सेहत पर रखें नजर.