सिद्धारमैया ने राज्यसभा का ऑफर ठुकराया, कहा- मुझे राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं
Siddaramaiah ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा- कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मुझे राज्यसभा सीट की पेशकश की, मैंने विनम्रतापूर्वक इसे अस्वीकार कर दिया क्योंकि मुझे राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने आगे कहा- मैं राज्य की राजनीति में बना रहूंगा क्योंकि विधायक के रूप में मेरा कार्यकाल अभी दो साल बाकी है.
मैं और मेरा परिवार राजनीतिक द्वेष का शिकार बना : सिद्धारमैया सिद्धारमैया ने कहा, न सिर्फ मैं, बल्कि मेरा परिवार भी राजनीतिक द्वेष का शिकार बना. मेरे राजनीतिक विरोधियों ने मेरी पत्नी पर भी झूठे आरोप लगाए. जो राजनीति से पूरी तरह दूर रहीं और खुद को सिर्फ परिवार की देखभाल और परवरिश तक ही सीमित रखा और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया.
यह सब झेलकर मेरा मन इतना आहत हुआ कि मैंने राजनीति से संन्यास लेने का विचार कर लिया था. लेकिन मेरी अंतरात्मा ने मुझे चेताया कि मैं दुश्मनों के हमलों से डरकर मैदान छोड़कर भागने वाला न बनूं, और न ही जनसेवा के मार्ग से पीछे हटूं. मैंने अन्याय के विरुद्ध न्याय की लड़ाई जारी रखी और अपने ऊपर लगे आरोपों के कलंक को मिटाकर खुद को दोषमुक्त किया.
Bengaluru: After resigning from the CM post, Siddaramaiah says, "I have given my resignation after a suggestion by the party high command. I have told the party high command that I don’t want to go to the Rajya Sabha. I remain in Karnataka politics till my last breath." pic.twitter.com/JSxnSMLFuM — ANI (@ANI) May 28, 2026 संविधान के खिलाफ काम करने वालों के खिलाफ लड़ूंगा : सिद्धारमैया सिद्धारमैया ने कहा- मैं संविधान के खिलाफ काम करने वालों के खिलाफ लड़ूंगा.
मैं अपनी आखिरी सांस तक सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ूंगा. मैं न कभी पैसे के पीछे भागा और न ही संपत्ति के पीछे : सिद्धारमैया मैं न कभी पैसे के पीछे भागा और न ही संपत्ति बनाने की लालसा रही, मेरा राजनीतिक जीवन एक खुली किताब की तरह है. उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा- मेरे खिलाफ कई झूठी कहानियां गढ़ी गईं.
मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया : सिद्धरमैया इस्तीफा सौंपने के बाद सिद्धरमैया ने कहा, मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. चूंकि राज्यपाल थावरचंद गहलोत शहर में नहीं हैं, इसलिए मैंने अपना त्यागपत्र उनके विशेष सचिव को सौंप दिया. उन्होंने कहा, मैंने बार-बार कहा था कि जब भी आलाकमान मुझे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा.
आलाकमान ने मुझे दो दिन पहले पद छोड़ने का निर्देश दिया था, जिसके अनुसार मैंने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि राज्यपाल संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लेंगे. मुझे दो बार कर्नाटक के लोगों की सेवा करने का मौका मिला, मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे को धन्यवाद देता हूं.
सिद्धारमैया ने आवास पर डीके शिवकुमार और कैबिनेट के साथियों के साथ किया नाश्ता इस्तीफा देने से पहले सिद्धरमैया ने अपने सरकारी निवास पर मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ नाश्ता किया था. उसी समय उन्होंने पद छोड़ने के अपने फैसले से अवगत कराया था. यह भी कहा कि कांग्रेस आलाकमान के निर्देशानुसार उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे.
इस दौरान सिद्धारमैया भावुक हुए और शिवकुमार को गले लगा लिया. जिसपर डीके ने उन्हें पैरा छूआ और आशीर्वाद लिया. ये भी पढ़ें: मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते ही भावुक हुए सिद्धारमैया, कहा- आलाकमान ने जो कहा वो किया.