महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' सफल! शिवसेना (UBT) के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल
Shiv Sena UBT: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने से राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इसे शिंदे गुट ने ऑपरेशन टाइगर की बड़ी सफलता बताया है, जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के सामने संगठनात्मक और राजनीतिक चुनौतियां और बढ़ गई हैं.
साल 2022 में एकनाथ शिंदे ने बड़ी संख्या में विधायकों के साथ उद्धव ठाकरे से बगावत कर शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था. अब लोकसभा सांसदों के दलबदल ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना को एक बार फिर बड़ा झटका दिया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना (UBT) के सभी छह बागी लोकसभा सांसदों के आधिकारिक तौर पर सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने के साथ ही ऑपरेशन टाइगर सफलतापूर्वक पूरा हो गया है.
शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की बैठक में अनुपस्थित रहने के पांच दिन बाद ये सांसद शिंदे और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम में शिवसेना में शामिल हुए. शिवसेना (UBT) छोड़कर शिंदे गुट में शामिल होने वाले सांसदों में संजय देशमुख (यवतमाल), संजय जाधव (परभणी), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व), नागेश पाटिल-आष्टीकर (हिंगोली), ओमप्रकाश राजे निंबालकर (धाराशिव) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी) शामिल हैं.
दीपक केसरकर ने कहा- NDA और मजबूत होगा शिवसेना नेता दीपक केसरकर ने शिवसेना (UBT) सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और मजबूत होगा. उन्होंने कहा- यह कदम NDA की ताकत बढ़ाएगा और महाराष्ट्र में गठबंधन की स्थिति को और मजबूत करेगा.
शिवसेना (UBT) के सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने से पहले उद्धव ठाकरे ने सोमवार को मुंबई में पार्टी नेताओं के साथ अहम बैठक की. बैठक में संगठनात्मक स्थिति, विधानसभा चुनावों की रणनीति और पार्टी के भविष्य को लेकर चर्चा की गई. #WATCH | Mumbai | On 6 rebel Shiv Sena UBT MPs to join Shinde camp today, Shiv Sena leader Deepak Kesarkar says,"This will strengthen the NDA." pic.twitter.com/FMXGrRjEyZ — ANI (@ANI) June 22, 2026 विधान परिषद चुनाव में महायुति की बड़ी जीत महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों में महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की.
18 जून को हुए मतदान के बाद घोषित परिणामों में भाजपा को सबसे अधिक 11 सीटें मिलीं, जबकि शिवसेना (शिंदे) को तीन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) को दो सीटों पर सफलता मिली. चुनाव से पहले ही छह उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जिससे महायुति को शुरुआती बढ़त मिल गई थी.
हालांकि एकमात्र सीट नासिक रही जहां महायुति का आधिकारिक उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सका. यहां बीजेपी के बागी निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गीते ने शिवसेना उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हराया. इस परिणाम को क्षेत्र में शिवसेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. किन नेताओं ने दर्ज की जीत? निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों में शिवसेना के रविंद्र फाटक और दुष्यंत चतुर्वेदी, एनसीपी के अनिकेत तटकरे और विक्रम काकड़े और बीजेपी के अरुण लखानी और प्रजक्त तनपुरे शामिल रहे.
वहीं बीजेपी के अन्य विजयी उम्मीदवारों में सुहास शीर्षत, अविनाश ब्राह्मणकर, धैर्यशील कदम, राजेंद्र राउत, बसवराज पाटिल, राजीव पोतदार, नंदकिशोर महाजन, प्रवीण पोटे और अमर राजुरकर शामिल हैं. परभणी-हिंगोली सीट से शिवसेना के सैयद खान विजयी रहे. Also Read: 150 पुलिसकर्मी तैनात, फिर भी सुरक्षा छीनने का नाटक, लालू परिवार पर भड़के CM सम्राट.