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बंगाल चुनाव 2026 में आलू किसानों की आत्महत्या को बनाया मुद्दा, शमिक भट्टाचार्य का ममता बनर्जी सरकार पर हमला

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By: Malwa First Desk

26 मार्च 2026

बंगाल चुनाव 2026 में आलू किसानों की आत्महत्या को बनाया मुद्दा, शमिक भट्टाचार्य का ममता बनर्जी सरकार पर हमला

Samik Bhattacharya Press Conference: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य की सियासत में उबाल आ गया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आलू किसानों की आत्महत्या और राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था को चुनावी मुद्दा बनाया है. गुरुवार को सॉल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी सरकार को कृषि संकट, कानून-व्यवस्था और मतदाता सूची के मुद्दों पर घेरा.

भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि राज्य में आलू किसान कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या करने को मजबूर हैं. सरकार उनकी मदद करने की बजाय आंखें मूंदे बैठी है. बंगाल में कृषि आपातकाल, आलू किसानों की मौतों पर जतायी चिंता शमिक भट्टाचार्य ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए जिलों में हो रही किसानों की आत्महत्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया.

उन्होंने कहा कि कर्ज का भारी बोझ, प्राकृतिक आपदा और बाजार की अनियमितताओं ने किसानों की कमर तोड़ दी है. उन्हें उपज का सही दाम नहीं मिल रहा. बाजार उन्हें आर्थिक रूप से बर्बाद कर रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू खनन से कृषि भूमि बंजर हो रही है.

इससे उत्पादन क्षमता में भारी गिरावट आयी है. सत्तारूढ़ दल के आपसी संघर्ष में जा रही जान पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर प्रहार करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा अब नयी ऊंचाई पर पहुंच गयी है. उन्होंने दावा किया कि हाल के दिनों में सत्तारूढ़ दल (TMC) के भीतर चल रहे आपसी गुटीय संघर्ष के कारण कई लोगों की जान गयी है.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें शमिक भट्टाचार्य के आरोप और चुनाव आयोग से मांग राम नवमी का मुद्दा : शमिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि राम नवमी के जुलूसों में जान-बूझकर बाधा डाली जा रही है. इससे सामाजिक विभाजन बढ़ रहा है. सुरक्षा की गुहार : शमिक भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग से अपील की है कि वे राज्य के हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करें.

मतदाता सूची में गड़बड़ी : फॉर्म-7 को लेकर गंभीर आरोप मतदाता सूची के शुद्धिकरण (Voter List Purification) के लिए जारी SIR की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर शमिक भट्टाचार्य ने सवाल उठाये. उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से संदिग्ध नाम हटाने के लिए जमा किये जाने वाले ‘फॉर्म-7’ लेने से प्रशासन को रोका जा रहा है.

कई जमा किये गये फॉर्मों का सही तरीके से निपटान नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि जिन वैध मतदाताओं के नाम गलती से सूची से हट गये हैं, वे फॉर्म-6 के माध्यम से फिर से आवेदन जरूर करें. Samik Bhattacharya: जनता सब देख रही है, चुनाव में मिलेगा जवाब प्रेस वार्ता के अंत में शमिक भट्टाचार्य ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बंगाल की जनता वर्तमान स्थिति और सरकार की विफलताओं से भली-भांति अवगत है.

उन्होंने विश्वास जताया कि इस असंतोष का सीधा असर आगामी विधानसभा चुनाव के नतीजों में साफ तौर पर दिखाई देगा. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026: घुसपैठियों को खोजो, नाम हटाओ और बाहर करो, साल्टलेक से BJP का नारा बंगाल चुनाव 2026: कल्याणकारी योजनाएं बनाम सत्ता-विरोधी लहर, ममता बनर्जी के 15 साल के शासन की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा बंगाल का रण : ममता बनर्जी की हैट्रिक रोक पायेगी भाजपा? चारों दलों की ताकत और कमजोरी पर पूरी रिपोर्ट बंगाल चुनाव 2026: 63 लाख वोटर गायब और ‘अस्मिता’ की जंग, ममता बनर्जी बचा पायेंगी अपना किला?.