Logo
ब्रेकिंग न्यूज़
9 मई की टॉप 20 खबरें: सुभेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री, विजय की शपथ पर लगा ग्रहण!तमिलनाडु: विजय के शपथ ग्रहण पर सस्पेंस, नहीं मिल रहा बहुमत, कहां फंस रहा पेंच?एसआईआर घमासान के बीच बंगाल की चुनावी तस्वीरमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में श्री नबीन और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रधान से की सौजन्य भेंट | पश्चिम बंगाल में श्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में विकास का नया सूर्य होगा उदितफार्मर रजिस्ट्रेशन हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित करने के कलेक्टर ने दिए निर्देशडिप्टी कलेक्टर श्री जैन ने किया नीमच में कचरा पॉइंटों का निरीक्षणफार्मर रजिस्ट्रेशन हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित करने के कलेक्टर ने दिए निर्देशअभी तक किसानों को उपार्जित गेहूँ का 10403.17 करोड़ रुपये हुआ भुगतान | मुख्यमंत्री डॉ. यादव गेहूँ उपार्जन की कर रहे सतत मॉनीटरिंगनवागत एसपी राजेश व्यास ने ली पुलिस अधिकारियों की बैठक, अपराधों पर जीरो टॉलरेंस के दिए निर्देशभाजपा में ही है असली लोकतंत्र, मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी का पहला बयान, टीएमसी पर साधा निशानाकटनी बनेगा माइनिंग कैपिटल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | सोने के साथ अब कटनी के बड़वारा में डोलोमाइट के भंडार-ब्लॉक्स आरक्षित रोजगार और आधुनिक खनन प्रबंधन का कटनी बनेगा राष्ट्रीय मॉडलसांस्कृतिक धरोहर भावी पीढ़ियों को समृद्ध अतीत से जोड़ने का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव | प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार से सशक्त हो रहा सांस्कृतिक वैभव वैज्ञानिक पद्धति से मिल रहा ऐतिहासिक धरोहरों को पुनर्जीवनजिला एवं तहसील न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत आजनीमच में रेडक्रास सप्‍ताह का हुआ समापन्‍नम.प्र.एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 तहत केज स्थापना हेतु आवेदन 20 मई तक आमंत्रित

पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट संघर्ष पर मुख्यमंत्रियों से की बात, ‘टीम इंडिया’ की भावना पर जोर

Author
Prabhat Khabar 27 मार्च 2026, 09:18 pm
पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट संघर्ष पर मुख्यमंत्रियों से की बात, ‘टीम इंडिया’ की भावना पर जोर

Middle East Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट संघर्ष पर राज्य की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की जानकारी ली. प्रधानमंत्री की बैठक में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह राज्यों के मुख्यमंत्री और कई अधिकारी भी मौजूद रहे.

बैठक में चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत केंद्र और राज्यों में समन्वय तय करना था. प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले शुरू होने के बाद मिडिल ईस्ट संघर्ष पर पहली बार मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की है.

किन राज्यों के सीएम बैठक में हुए शामिल बैठक में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों में एन. चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश), योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), रेवंत रेड्डी (तेलंगाना), भगवंत मान (पंजाब), भूपेंद्र पटेल (गुजरात), उमर अब्दुल्ला (जम्मू-कश्मीर), सुखविंदर सिंह सुक्खू (हिमाचल प्रदेश), पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश) और अन्य मुख्यमंत्री शामिल थे.

कैबिनेट सचिवालय करेगा चुनावी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठक चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री आचार संहिता लागू होने के कारण इस बैठक में शामिल नहीं हुए. कैबिनेट सचिवालय तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक करेगा.

इससे पहले 25 मार्च को सरकार ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक करके उन्हें पश्चिम एशिया की स्थिति की जानकारी दी थी. सरकार ने बुलाई थी सर्वदलीय बैठक सरकार ने 25 मार्च को पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. बैठक में सरकार ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया था.

इससे पहले 23 मार्च को लोकसभा में दिए गए बयान में प्रधानमंत्री ने कहा था कि मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण जो हालात बने हैं उसका असर लंबे समय तक रह सकता है. ऐसे में देश को एकजुट और तैयार रहने की जरूरत है, जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान रहा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के दोनों सदनों में पश्चिम एशिया संकट पर बयान भी दिया था.

पश्चिम एशिया में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से जारी जंग के कारण होर्मुज से जहाजों को गुजरने में काफी परेशानी हो रही है. बहुत कम संख्या में कुछ देश के जहाज होर्मुज पार कर पा रहे हैं. इसके कारण कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है. विदेश और पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार कर रहा है अपडेट विदेश मंत्रालय की ओर से मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात की जानकारी शेयर की जा रही है.

शुक्रवार (27 मार्च) को भी मीडिया से बातचीत के दौरान सवालों के जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने जहाजों के सुरक्षित पारगमन के लिए सभी संबंधित देशों के संपर्क में है. वहीं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को कहा था कि भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रण में है और सभी खुदरा ईंधन दुकानों के पास पर्याप्त आपूर्ति है.

देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है..

Ad

ताज़ा खबरें