पालघर का ‘बाबा’ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार, खुद को बताता था भगवान का अवतार
पुलिस के मुताबिक 40 साल के आरोपी ऋषिकेश वैद्य को शुक्रवार (27 मार्च) को पिंपरी इलाके से गिरफ्तार किया गया. बताया गया कि नासिक में एक और बाबा अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद पुणे की 35 साल की महिला ने हिम्मत जुटाकर वैद्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. हालांकि आरोपी वैद्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया.
उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ झूठा केस बनाया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. महिला कैसे आई आरोपी के संपर्क में? पुलिस के मुताबिक, क्योंकि घटना पुणे में हुई थी, इसलिए वसई के मानिकपुर थाने में पहले ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की गई. इसके बाद केस को आगे की जांच के लिए पुणे के हडपसर थाने भेज दिया गया.
आसान भाषा में समझें तो ‘जीरो एफआईआर’ ऐसी शिकायत होती है, जिसे किसी भी थाने में दर्ज कराया जा सकता है. चाहे घटना कहीं भी हुई हो. बाद में इसे सही इलाके के थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है. पुलिस के अनुसार, महिला आरोपी के संपर्क में पहली बार 2023 में फेसबुक के जरिए आई थी.
खुद को भगवान शिव का अवतार बताया आरोपी ने एफआईआर के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया कि दिसंबर 2023 में आरोपी पुणे में महिला से मिलने गया था. वहां उसने खुद को भगवान शिव का अवतार बताया. इसके बाद महिला से कहा कि वह उसकी ‘पार्वती’ है, इसी बहाने उसने उसे भरोसे में लिया.
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि व्यक्ति उसे पुणे के मांजरी इलाके के एक लॉज में ले गया. उसे कोई नशीला पदार्थ पिलाया. इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया. आरोपी ने कथित तौर पर महिला की तस्वीरें भी ले लीं. वैद्य को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई महिला के अनुसार, आरोपी का पालघर जिले में एक सामाजिक संगठन है.
उसने तस्वीरों के जरिए उसे ‘ब्लैकमेल’ किया. पिछले साल मई में फिर से उसका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की. पुणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वैद्य को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई थीं. उसके ठिकाने के बारे में सूचना मिलने के बाद उसे पिंपरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया..