क्या राजनीति छोड़ेंगे नितिन गडकरी? 2023 के बाद फिर चर्चा तेज, ऑफिस ने दी सफाई
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक अंदाज और बयानों के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में नागपुर के काटोल में आयोजित 'एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग' के एक कार्यक्रम में उनके दिए बयान के बाद एक बार फिर उनके राजनीति से संन्यास लेने की अटकलें तेज हो गईं.
हालांकि गडकरी के ऑफिस ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है. लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा था. "सच कहूं तो, मैं कोई प्रेरणास्रोत नहीं हूं; आजकल मैं उतना काम नहीं कर पाता. जब मैं कर सकता था, तब मैंने ज्यादा काम किया.
तब से मैंने ट्रस्ट के काम में अपनी भागीदारी कम कर दी है. मैंने सभी से कहा है कि अब यह काम नई पीढ़ी के हाथों में सौंप दिया जाना चाहिए." गडकरी के कार्यालय ने संन्यास की अटकलों को किया खारिज सोशल मीडिया और मीडिया में संन्यास की खबरें चलने के बाद नितिन गडकरी के कार्यालय ने स्थिति साफ की.
कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नितिन गडकरी की टिप्पणी का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था. वह केवल 'लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट' के कामकाज और उसके भविष्य के नेतृत्व को लेकर बात कर रहे थे. यह ट्रस्ट गडकरी द्वारा ही स्थापित किया गया है जो आदिवासी क्षेत्रों में एकल विद्यालय चलाता है.
2023 में भी गडकरी के बयान से संन्यास की अटकलें हुई थी तेज यह पहली बार नहीं है जब गडकरी के किसी बयान से संन्यास की चर्चा शुरू हुई हो. इससे पहले भी 2023 में उन्होंने कहा था, मैंने पोस्टर-बैनर न लगाने और चाय-पानी न कराने का फैसला किया है; जिन्हें वोट देना है दें, नहीं देना न दें.
दरअसल गडकरी 30 सितंबर 2023 को महाराष्ट्र के वाशिम जिले में सीमेंट कांक्रीट से बनी सड़क का उद्घाटन करने पहुंचे थे और ऐसा बयान दिया था. उस समय भी उनके इस बयान को राजनीति से दूरी बनाने से जोड़कर देखा गया था, हालांकि बाद में उन्होंने खुद स्पष्ट किया था कि उनका राजनीति छोड़ने का कोई इरादा नहीं है.
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