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नीदरलैंड ने लौटाए 1000 साल पुराने चोल काल के ताम्रपत्र, पीएम मोदी ने कहा भारतीयों के लिए गर्व का पल

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Prabhat Khabar 17 मई 2026, 01:08 pm
नीदरलैंड ने लौटाए 1000 साल पुराने चोल काल के ताम्रपत्र, पीएम मोदी ने कहा भारतीयों के लिए गर्व का पल

Netherlands Returns Chola Plates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय अपने पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड्स की यात्रा पर हैं. इसी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की विरासत के बारे में एक अहम जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि नीदरलैंड्स के लीडेन यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी ने 11वीं सदी की चोल ताम्रपट्टिकाएं भारत सरकार को लौटा दीं.

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी और उनके डच समकक्ष रॉब जेटेन मौजूद रहे. प्रधानमंत्री मोदी ने इस वापसी को हर भारतीय के लिए गर्व और खुशी का क्षण बताया. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘हर भारतीय के लिए यह एक खुशी का पल है! 11वीं सदी की चोल ताम्रपट्टिकाएं नीदरलैंड्स से भारत वापस लाई जा रही हैं.

इस समारोह में प्रधानमंत्री मार्क रुट्टे की उपस्थिति में हिस्सा लिया.’ प्रधानमंत्री के साथ फोटो में नीदरलैंड के वर्तमान पीएम रॉब जेटेन मौजूद थे, संभवतः चूक की वजह से जेटेन की जगह रुट्टे का नाम लिख दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि चोल ताम्रपट्टिकाएं 21 बड़ी और 3 छोटी पट्टिकाओं का संग्रह हैं, जिनमें अधिकांश लेख तमिल भाषा में हैं, जो दुनिया की सबसे सुंदर भाषाओं में से एक है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘ये महान राजेंद्र चोल प्रथम से जुड़ी हैं, जिन्होंने अपने पिता राजा राजराजा प्रथम द्वारा किए गए मौखिक वचन को औपचारिक रूप दिया था. ये पट्टिकाएं चोल साम्राज्य की महानता को भी दर्शाती हैं. भारत में हम सभी चोलों, उनकी संस्कृति और उनकी समुद्री शक्ति पर बेहद गर्व करते हैं.’ उन्होंने नीदरलैंड्स सरकार और विशेष रूप से लीडेन यूनिवर्सिटी का आभार व्यक्त किया, जहां ये ताम्रपट्टिकाएं 19वीं सदी के मध्य से सुरक्षित रखी गई थीं.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि चोल ताम्रपट्टिकाएं 21 बड़ी और 3 छोटी तांबे की पट्टिकाओं का एक संग्रह हैं, जिन्हें 11वीं शताब्दी ईस्वी में चोल राजाओं द्वारा जारी किया गया था. இந்தியர் அனைவருக்கும் ஒரு மகிழ்ச்சிகரமான தருணம்! 11-ம் நூற்றாண்டைச் சேர்ந்த சோழர்கால செப்பேடுகள், நெதர்லாந்தில் இருந்து இந்தியாவிற்குத் திரும்பவும் கொண்டுவரப்பட இருக்கின்றன.

இது தொடர்பான விழாவில் பிரதமர் ராப் ஜெட்டன் அவர்களுடன் இணைந்து பங்கேற்றேன். சோழர் கால செப்பேடுகள், 21… pic.twitter.com/af4NWacMwt — Narendra Modi (@narendramodi) May 16, 2026 इन प्लेटों में किसका जिक्र है? इन शाही अभिलेखों में तमिलनाडु के नागपट्टिनम स्थित चूलामणिवर्म-विहार नामक बौद्ध विहार को आनैमंगलम गांव दान में देने का औपचारिक उल्लेख है.

इन पट्टिकाओं पर तमिल और संस्कृत भाषाओं में लेख अंकित हैं. विज्ञप्ति में कहा गया कि इन चोल ताम्रपट्टिकाओं की वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ये केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य कहानी हैं. इनकी स्वदेश वापसी भारत के लोगों के लिए गहरी भावनात्मक महत्व रखती है.

ये भी पढ़ें:- क्या झालमुड़ी यहां पहुंच गई है? नीदरलैंड्स में PM मोदी ने ली चुटकी ये भी पढ़ें:- भीख में मिला पैसा, बंदूक पर खर्च करने की तैयारी: पाकिस्तान बढ़ाएगा 100 अरब का रक्षा बजट पीएम मोदी अपने पांच देशों के दौरे पर शुक्रवार को यूएई के बाद नीदरलैंड पहुंचे.

इसके बाद पीएम मोदी स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएंगे..

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