धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- NEET परीक्षा की व्यवस्था में जो चूक हुई, उसकी हम जिम्मेदारी लेते हैं, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
NEET Re-Examination : धर्मेंद्र प्रधान ने नीट परीक्षा को लेकर शुक्रवार को मीडिया से बात की. प्रेस काॅन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि नीट री-एग्जाम की नई तारीखें 21 जून घोषित की गई हैं. उन्होंने कहा कि हम इस बार कोई गड़बड़ नहीं होने देंगे. हम सभी कैंडिडेट्स को लेकर बहुत दुखी और चिंतित हैं, लेकिन देश के हित में हमें एग्जाम कैंसिल करने का फैसला लेना पड़ा.
गैस पेपर की आड़ में पेपर लीक हुआ #WATCH | Delhi | Union Education Minister Dharmendra Pradhan says, "We have zero tolerance towards malpractices and this is a long fight against the examination mafia… Various social media handles are trying to spread misinformation, the system is being challenged and in view… pic.twitter.com/wRrKV3zoAp — ANI (@ANI) May 15, 2026 धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा 3 मई को हुई थी और 7 मई को एनटीए को शिकायत मिली कि गेस पेपर में कुछ ऐसे सवाल थे जो इस बार नीट की परीक्षा में पूछे गए थे.
हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने तुरंत जांच शुरू की और इसे सरकारी एजेंसी को सौंप दिया. उन्होंने राज्य की एजेंसियों से संपर्क किया और 12 मई तक, हमें कंफर्म हो गया कि गेस पेपर की आड़ में, असली एग्जाम के सवाल लीक हो गए थे. इसी वजह से परीक्षा रद्द करनी पड़ी. हमें पता है कि यह फैसला परीक्षार्थियों को दुख पहुंचाने वाला था, लेकिन हमने उनके हित में ही यह फैसला किया.
हम नहीं चाहते थे कि कोई भी काबिल स्टूडेंट फ्रॉड कैंडिडेट या एजुकेशन माफिया की साजिश की वजह से अपने हक से वंचित रहे. पिछली बार सामने आई गड़बड़ियों के बाद, राधाकृष्णन कमेटी बनाई गई थी, और हमने 2025 और 2026 दोनों के लिए उसकी सिफारिशों को शब्दशः लागू किया.
इसके बावजूद, यह घटना हुई, इसलिए परीक्षा रद्द करनी पड़ी. उन्होंने कहा कि जो कुछ भी गलतियां हुईं हैं, उसके लिए सरकार जिम्मेदारी लेती है. गलत कामों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि गलत कामों के लिए हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है. हम एग्जाम माफिया के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं.
कई सोशल मीडिया हैंडल गलत जानकारी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, सिस्टम को चुनौती दी जा रही है और इसे देखते हुए ही मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है. सीबीआई ने कार्रवाई शुरू कर दी है, जल्दी ही दोषियों को सामने लाया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एनटीए एक काबिल इंसान के हाथ में है.
इसे सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर बनाया गया है और यह हर साल करीब 1 करोड़ स्टूडेंट्स का एग्जाम लेता है. हम यह पक्का करेंगे कि एनटीए से कोई गलती ना हो. री-एग्जाम के लिए नहीं लिया जाएगा एग्जाम फीस धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में कहा कि जिस दिन परीक्षा रद्द हुई थी उसी दिन एनटीए ने स्टूडेंट्स की फीस वापस करने का ऐलान किया था.
री-एग्जाम के लिए 0 फीस होगी. स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर चुनने के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाएगा. स्टूडेंट्स की सुविधा और समय की कमी को ध्यान में रखते हुए, एनटीए ने परीक्षा का समय 15 मिनट बढ़ाने का फैसला किया है. परीक्षा, जो दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होनी थी, अब शाम 5.15 बजे तक चलेगी.
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