फुटपाथ पर कब्जा बना निवेश में बाधक, अग्निमित्रा पॉल बोली- ऐसे में कौन आयेगा बंगाल में पैसा लगाने
कोलकाता. बंगाल की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल का कहना है कि बंगाल में निवेशक तब तक नहीं आयेंगे जब तक यहां सड़कों और फुटपाथों की सफाई नहीं होगी. उन्होंने कहा कि अभी जो परिस्थिति है उसमें यहां कोई पैसा लगाने नहीं आयेगा. मंत्री ने कहा कि घंटों सड़क जाम रहता है और फुटपाथों पर दुकान से झोपड़ी तक लोगों ने बना रखे हैं.
अमीर या गरीब का नहीं है फुटपाथ अग्निमित्रा ले कहा कि फुटपाथ न तो अमीरों के लिए हैं और न ही गरीबों के लिए. सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि यह आम जनता के लिए है. इसलिए, लोगों के आवागमन के लिए फुटपाथ खुले रखे जाने चाहिए. लोग स्वच्छ शहर चाहते हैं.
विपक्ष ने इतने लंबे समय तक रोजगार क्यों नहीं दिया. मैं भारी जनसमर्थन के साथ यह कहने आयी हूं कि हम काम करेंगे. अग्निमित्रा पॉल पर विपक्ष का आरोप अग्निमित्रा पॉल पिछले दिनों हुई एक घटना पर सफाई दे रही थी. विपक्ष के नेताओं का आरोप है कि फुटपाथ पर चूल्हा जलाकर अपने बच्चे को दूध पिला रही एक मां को मंत्री ने वहां से तत्काल चले जाने को कहा.
विपक्ष की आलोचना का उत्तर देते हुए पॉल ने कहा कि अवैध निर्माण नहीं होगा, सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा नहीं किया जा सकता है. हर हाल में हटेगा अवैध निर्माण राज्य मंत्री अग्निमित्र पॉल ने कहा कि सड़कें साफ़-सुथरी और चमकदार होंगी, तभी लोग यहां पैसे लगायेंगे. इसीलिए सरकार उचित कदम उठा रही हैं.
अवैध निर्माण हटाने से लेकर अतिक्रमण तक, वे हर मामले की ज़मीनी स्तर पर जांच कर रही हैं. उन्होंने झुग्गीवासियों के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी जानकारी दी. विपक्ष ने विकास पर कभी नहीं दिया ध्यान अग्निमित्र ने कहा- मैंने विपक्ष की आलोचना सुनीं.
उस दिन कोई भी उस परिवार के लिए दूध का कटोरा लेकर आगे नहीं आया. सबने राजनीति की आग में अपनी रोटी पकाई. कांग्रेस ने 28 साल तक लोगों को धोखा दिया है. सीपीएम ने 34 साल तक और तृणमूल ने 15 साल तक. हम उन लोगों से मानवता नहीं सीखेंगे, जिन्होंने पैसे के लिए फुटपाथ पर ठेले लगाए हैं और भ्रष्टाचार किया है.
कौन होगा हादसे का जिम्मेदार राज्य मंत्री ने कहा- फ्री स्कूल स्ट्रीट जैसी व्यस्त सड़कों पर दिन भर गाड़ियां आती-जाती रहती हैं. एक छह महीने का बच्चा घुटनों के बल चल रहा था. आसपास कोई नहीं था. उसकी मां और दादी बहुत दूर थीं. अगर कोई हादसा हो जाता तो कौन ज़िम्मेदारी लेता.
मुख्यमंत्री, सरकार या विपक्ष. दुर्घटनाएं कभी भी हो सकती हैं. ज़िम्मेदारी कौन लेगा. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें विपक्ष से नहीं सीखना है इंसानियत मंत्री ने कहा- हम भी इंसानियत जानते हैं. हमारी सरकार इंसानियत वाली है.
हम विपक्ष से इंसानियत नहीं सीखेंगे. हम किसी को बेघर नहीं कर रहे हैं. झुग्गी-झोपड़ियों के विकास की बात हुई है. मंत्री ने सवाल किया कि विपक्ष इतने सालों में विकास क्यों नहीं कर पाया. राज्य मंत्री ने कहा- विपक्ष को अवैध पार्किंग हटाने और फुटपाथों की समस्या पर जनता का समर्थन नहीं मिल पा रहा है.
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