बंगाल में बीजेपी को 48 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान, 10 फीसदी के ‘स्विंग’ से डगमगाया ममता बनर्जी का किला!
खास बातें 10 प्रतिशत का वोट स्विंग कैसे बदलेगा बाजी? क्यों खिसक रहा है ममता का आधार? क्या कहता है पोलस्टर का विश्लेषण? टीएमसी को योजनाओं पर भरोसा BJP Vote Share: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले आये एक ताजा सर्वे ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है.
एक प्रमुख पोलस्टर (Pollster) के विश्लेषण के मुताबिक, इस बार बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में जबरदस्त ‘वोट शेयर स्विंग’ देखने को मिल रहा है. अनुमान है कि भाजपा 48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर 10 अंकों की बढ़त बना सकती है.
यदि यह अनुमान नतीजों में तब्दील होता है, तो ममता बनर्जी के लिए अपनी सत्ता को बचा पाना नामुमकिन हो सकता है. 10 प्रतिशत का वोट स्विंग कैसे बदलेगा बाजी? राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल जैसे राज्य में 10 प्रतिशत का वोट शेयर स्विंग किसी चुनावी भूकंप से कम नहीं होगा.
2021 के चुनाव में भाजपा का वोट शेयर करीब 38 प्रतिशत था, जिसके अब बढ़कर 48 प्रतिशत होने का अनुमान है. तृणमूल कांग्रेस के वोट शेयर में भारी सेंध लगने की आशंका है. भ्रष्टाचार के आरोप और सत्ता विरोधी लहर इसका मुख्य कारण मानी जा रही है. 10 अंकों की यह बढ़त भाजपा को बहुमत के जादुई आंकड़े (148) से आगे ले जा सकती है.
क्यों खिसक रहा है ममता का आधार? सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, इस बड़े बदलाव के पीछे 3 प्रमुख कारण हैं. संदेशखाली जैसी घटनाओं और सुरक्षा के मुद्दों ने महिला वोटरों के एक वर्ग को टीएमसी से दूर किया है. भर्ती घोटालों और बेरोजगारी के मुद्दे पर युवाओं ने इस बार बदलाव के लिए वोट किया है.
उत्तर और दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में मतों का ध्रुवीकरण भाजपा के पक्ष में जाता दिख रहा है. क्या कहता है पोलस्टर का विश्लेषण? पोलस्टर का दावा है कि बंगाल में इस बार मौन लहर (Silent Wave) चल रही है. लोग सरकारी योजनाओं का लाभ तो ले रहे हैं, लेकिन वोटिंग मशीन पर बटन दबाते समय उनकी प्राथमिकता बदल गयी है.
अगर भाजपा 48 फीसदी के आंकड़े को छू लेती है, तो टीएमसी 100 सीटों के नीचे भी सिमट सकती है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग पर जश्न के बीच गहराया सस्पेंस, क्या डरा-धमकाकर डलवाये गये वोट? जानें भारी मतदान का सच BJP Vote Share: टीएमसी को योजनाओं पर भरोसा हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी ‘लक्ष्मी भंडार’ और अन्य जनहितकारी योजनाएं किसी भी स्विंग को रोकने में सक्षम हैं.
4 मई को होने वाली मतगणना ही तय करेगी कि पोलस्टर का यह ‘स्विंग थ्योरी’ सही साबित होता है या ममता बनर्जी एक बार फिर सबको चौंका देंगी. इसे भी पढ़ें भवानीपुर में स्ट्रांग रूम में आधी रात तक डटी रहीं ममता बनर्जी, बोलीं- जनता का वोट लूटा तो खैर नहीं, सुरक्षा बल अलर्ट श्मशान में आये एक फोन ने बदल दी किस्मत, हाथ पर ‘चे ग्वेरा’ और दिल में ‘राम’, जानें बीजेपी विधायक शंकर घोष की अनसुनी कहानी बंगाल के ‘सिंहासन’ पर कौन बैठेगा? ये 7 फैक्टर तय करेंगे चुनाव परिणाम, पढ़ें पूरा विश्लेषण बंगाल में महामुकाबले के बाद अब 4 मई का इंतजार, ममता बनर्जी लगायेंगी जीत का चौका या खिलेगा कमल?.